जेरला औद्योगिक क्षेत्र में नगर परिषद ने सीवर लाइन से अवैध रूप से जुड़े रासायनिक अपशिष्ट के पाइपों पर कड़ी कार्रवाई की है। नगर परिषद आयुक्त रामकिशोर मेहता ने बताया कि क्षेत्र की अधिकांश औद्योगिक इकाइयों ने बिना अनुमति रासायनिक अपशिष्ट युक्त पानी के पाइप नगर परिषद की सीवर लाइन से जोड़ रखे थे। सीवर व्यवस्था के दुरुपयोग की शिकायत मिली थी यह कार्रवाई नगर परिषद की सीवर व्यवस्था के दुरुपयोग की शिकायत पर की गई। गहन जांच के दौरान औद्योगिक क्षेत्र में स्थित सीवर लाइन के मुख्य मैन होल में फैक्ट्रियों से जुड़े अवैध पाइप स्पष्ट रूप से पाए गए। इन इकाइयों द्वारा नियमों को दरकिनार करते हुए रासायनिक पानी सीधे सीवर लाइन में छोड़ा जा रहा था, जिससे सीवर व्यवस्था को नुकसान पहुँचने के साथ-साथ पर्यावरण और जनस्वास्थ्य पर भी गंभीर खतरा उत्पन्न हो रहा था। अवैध रूप से जोड़े गए रासायनिक पानी के पाइप को तोड़ा जांच के तुरंत बाद नगर परिषद ने मौके पर ही कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से जोड़े गए रासायनिक पानी के पाइपों को तोड़ दिया। अधिकारियों ने संबंधित औद्योगिक इकाइयों को सख्त चेतावनी दी है कि भविष्य में इस प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नगर परिषद द्वारा अवैध कनेक्शन करने वाली औद्योगिक इकाइयों की सूची तैयार की जा रही है। इनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई के लिए राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण मंडल (RPCB) को पत्र लिखा जाएगा। प्रदूषण नियंत्रण मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित फैक्ट्रियों पर जुर्माना, नोटिस और अन्य दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है। फैक्ट्री को निर्धारित मानकों के अनुसार करना होगा पालन आयुक्त मेहता ने स्पष्ट किया कि औद्योगिक अपशिष्ट के निस्तारण के लिए प्रत्येक फैक्ट्री को निर्धारित मानकों के अनुसार ट्रीटमेंट प्लांट संचालित करना अनिवार्य है। सीवर लाइन में रासायनिक पानी छोड़ना कानूनन अपराध है और इससे सीवर जाम, पाइपलाइन क्षति व जल स्रोतों के प्रदूषण की आशंका बढ़ जाती है। नगर परिषद ने संकेत दिए हैं कि आगे भी नियमित निरीक्षण जारी रहेंगे और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।


