जेल परिसर में बन रहा पेट्रोल पंप जल्द होगा शुरू:खुली जेल के कैदी रहेंगे कार्मिक, कैदियों की जीवनशैली में बदलाव के लिए नवाचार

राजस्थान जेल विभाग ने आईओसीएल के साथ एमओयू किया है। जिसके तहत राजस्थान के कई जिलों की जेल परिसरों में पेट्रोल पंप शुरू किए जा जिलों रहे हैं। इसके तहत शहर के आमापुरा स्थित जिला जेल को भी शामिल किया है। उच्च स्तर से जमीन आवंटन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। जिला प्रशासन से एनओसी जारी होने के बाद यहां पेट्रोल पंप को लेकर निर्माण कार्य भी शुरू कर दिया गया है। आगामी फरवरी माह के अंतिम सप्ताह में इस पेट्रोल पंप का संचालन शुरू कर दिया जाएगा। यहां पंप पर जेल कैदी कार्मिक के रूप में पदस्थ रहेंगे। जिला जेल के सूत्रों ने बताया कि प्रदेश में कई जगहों पर जेल प्रशासन की ओर से कैदियों की जीवनशैली में बदलाव व रोजगार से जोड़ने के लिए कई तरह के नवाचार किए जा रहे हैं। इसके तहत पेट्रोल पंप भी खोले जा रहे हैं। जिन्हें जेल प्रशासन की ओर से संचालित किया जाएगा। साथ ही यहां पर जेलकर्मियों के साथ ही कैदी भी काम करेंगे। शहर के आमापुरा स्थित जिला जेल परिसर के पास मौजूद जमीन पर पेट्रोल पंप का आवंटन हुआ है। इसके लिए उच्च स्तर से विभागीय स्वीकृति मिल गई है। जिला प्रशासन से एनओसी भी मिल चुकी है। एनओसी मिलने के बाद जेल परिसर के बाहर खाली पड़ी जमीन पर पेट्रोल पंप के लिए निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है। जहां कैदियों को रोजगार से जोड़ा जाएगा। अभी ओपन जेल में 9 कैदी, जल्द बढ़ेगी संख्या
जेल अधिकारियों का कहना है कि पेट्रोल पंप की मॉनिटरिंग जेल प्रबंधन की ओर से की जाएगी। साथ ही यहां जेल के ओपन कैंप के कैदी पेट्रोल-डीजल भरने समेत अन्य कार्य करते नजर आएंगे। जेल प्रबंधन के अनुसार अभी जिला कारागृह के ओपन कैंप में सिर्फ 9 ही कैदी रखे हुए हैं। यहां ओपन कैंप के कैदियों के लिए 32 की क्षमता वाली 16 क्वार्टर बन रही है। जो जल्द ही तैयार हो जाएगी। इसके बाद यहां ओपन कैंप के कैदियों की संख्या में इजाफा हो सकेगा। अच्छे आचरण के बाद ओपन कैंप में करते हैं शिफ्ट
सूत्रों ने बताया कि विभिन्न मामलों में 6 साल 8 महीनों से अधिक की सजा पूरी करने व अच्छे आचरण वाले कैदियों की जीवनशैली में सुधार के लिए प्रयास किए जाते हैं। इसके लिए उन्हें आचरण के हिसाब से ओपन खुली जेल में रखा जाता है। जहां वे अपने परिजनों के साथ रह सकते हैं। साथ ही रोजगार के लिए जेल परिसर के बाहर सुबह से शाम तक के लिए आ जा सकते हैं। अभी बारां जेल में ओपन कैंप के सभी 9 कैदी रोजगार कर रहे हैं। इनमें से कोई हाईवे ओवरब्रिज के पास कचौरी-समोसे की दुकान तथा कुछ अन्य जगह मजदूरी पर जाते है। जो वापस कैंप में पहुंचते हैं। ओपन कैंप के बंदियों व कैदियों की नियमित सुबह व शाम को उपस्थिति दर्ज की जाती है। जिला कारागृह बारां के जेलर राजेश योगी ने बताया कि जिला कारागृह के समीप पेट्रोल पंप की स्वीकृति मिली है। आवंटित भूमि पर निर्माण कार्य शुरु कर दिया है। निर्माण कार्यों को लेकर प्रभावी मॉनिटरिंग की जा रही है। आगामी कुछ दिनों में पेट्रोल पंप शुरु कर दिया जाएगा। जिस पर जेल स्टाफ के साथ खुली जेल के कैदी भी कार्य कर सकेगें। जिन्हें नियमानुसार भत्ता देय होगा।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *