जेल में बंद अपराधी हर 3 दिन में सोशल मीडिया में पोस्ट कर रहे कंटेंट, कैसे चालू हैं ये अकाउंट

बड़ा सवाल… ऐसे अपराधियों के सोशल मीडिया अकाउंट बंद क्यों नहीं कराती पुलिस… अजरबैजान से प्रत्यार्पण कर अमन साहू गैंग के अपराधी मयंक सिंह उर्फ सुनील सिंह मीणा को एटीएस की टीम रांची ले आई। अभी वह जमेशदपुर स्थित घाघीडीह सेंट्रल जेल में बंद है। हालांकि जेल में रहने के बाद भी मीणा का सोशल मीडिया अकाउंट एक्टिव है। उसके नाम से एक्टिव अकाउंट पर हर 3 दिन में फोटो व कंटेंट पोस्ट किया जा रहा है। सुनील मीणा के अकाउंट से 30 दिनों में 10 बार फोटो पोस्ट की गई हैं। हथियार के साथ खुद की फोटो प्रोफाइल में लगाकर व्यवसायियों में खौफ बना रहा है। जेल में बंद अमन साहू के शूटर आकाश राय उर्फ मोनू का भी सोशल मीडिया पेज एक्टिव है। उसके अकाउंट से आैसतन महीने में एक बार कंटेंट पोस्ट हो रहा है। उसने भी हथियार के साथ खुद की फोटो प्रोफाइल में लगा रखी है। जेल में बंद अपराधियों के सोशल मीडिया हैंडल एक्टिव रहने की जानकारी पुलिस के वरीय अधिकारियों को भी है। बावजूद इसके इन एक्टिव अकाउंट को बंद नहीं कराया जा रहा है। मीणा जेल में है पर सोशल मीडिया में राहुल सिंह को गिरोह से निकाले जाने की जानकारी कैसे दी… राजधानी में जमीन कारोबारी समेत अन्य व्यवसायियों से रंगदारी की मांग की जा रही है। पुलिस जांच में यह जानकारी मिली है कि राहुल सिंह विदेश में बैठकर गिरोह का संचालन कर रहा है आैर अलग-अलग ऐप के माध्यम से रंगदारी मांग रहा है। वहीं 23 अगस्त को अजरबैजान से प्रत्यार्पण कर रांची लाए गए अमन साहू गैंग के सरगना सुनील सिंह मीणा ने जेल से ही सोशल मीडिया के माध्यम से राहुल सिंह को गैंग से बाहर कर दिया है। अपने पोस्ट में मयंक सिंह मीणा ने राहुल दुबे को सरगना बताते हुए कहा है कि राहुल सिंह को उसी ने विदेश का रास्ता दिखाया है। राहुल सिंह अपनी मर्जी से गिरोह का सरगना बन गया है आैर जैसे-तैसे लोगों से रंगदारी मांग रहा है। सुनील मीणा का कब-कब एक्टिव हुआ अकाउंट टेक्निकल सेल फेल, आईपी एड्रेस से भी नहीं जुटा पा रहा जानकारी सोशल मीडिया पर एक्टिव अकाउंट के बारे में पुलिस के वरीय अधिकारियों को जानकारी है। टेक्निकल सेल आईपी एड्रेस की मदद से जानकारी जुटाने का प्रयास कर रहा है। हालांकि टेक्निकल सेल की टीम भी स्पष्ट जानकारी जुटाने में पूरी तरह से फेल हो चुकी है। आईपी एड्रेस से भी पोस्ट व शेयर करने वालों का स्पष्ट लोकेशन व एड्रेस ट्रैक नहीं कर पा रहा है।- अन्वेष मंगलम, रिडायर्ड डीजी, मध्यप्रदेश सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से संपर्क कर अकाउंट डीएक्टिवेट कराना चाहिए पोस्ट करने वालों के बारे में जानकारी जुटाने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से संपर्क करना चाहिए। पुलिस को न्यायालय आदेश के माध्यम से जानकारी प्राप्त करनी चाहिए। इसके अलावा अकाउंट डीएक्टिवेट करने का भी प्रयास करना चाहिए। यदि कोई आरोपी देश के बाहर बैठकर रंगदारी मांग रहा है तो इंटरपोल व कोर्ट के माध्यम से सारी प्रक्रिया पूरी कर आरोपी को जल्द से जल्द अपने देश में लाने का प्रयास करना चाहिए। वहीं धमकी को देश में एक्जिक्यूट कराने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई करनी होगी। 21 दिसंबर- न्यूज चैनल पर खुद के बारे में दिखाए गए वीडियो को पोस्ट किया। 20 दिसंबर- राहुल दुबे को गिरोह का सरगना बताते हुए राहुल सिंह को दी धमकी। 19 दिसंबर- फोटो पोस्ट की। 15 दिसंबर- फोटो पोस्ट की। 13 दिसंबर- फोटो पोस्ट की। 10 दिसंबर- फोटो पोस्ट की।

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