झारखंड हाईकोर्ट ने मंगलवार को दैनिक भास्कर में प्रकाशित जेल से इंटरनेट मीडिया पर अपराधियों के सक्रिय होने से संबंधित समाचार पर संज्ञान लिया है। चीफ जस्टिस तरलोक सिंह चौहान और जस्टिस राजेश शंकर की अदालत ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए राज्य सरकार से जवाब मांगा है। अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए मौखिक रूप से कहा कि राज्य की पुलिस प्रशासन के लिए यह स्थिति शर्मनाक और बेहद चिंताजनक है। अदालत ने इस मामले को होटवार स्थित बिरसा मुंडा केन्द्रीय कारागार में हुई शराब पार्टी और जीएसटी घोटाला के आरोपियों की डांस पार्टी होने के मामले के साथ टैग करने का निर्देश दिया है। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से जवाब दाखिल करने के लिए समय देने का आग्रह किया गया। अदालत ने आग्रह स्वीकार करते हुए मामले की सुनवाई 6 जनवरी को निर्धारित की है। मालूम हो कि दैनिक भास्कर के सोमवार के अंक में जेल में बंद अपराधी 3 दिन में सोशल मीडिया में पोस्ट कर रहे कंटेंट, कैसे चालू हैं ये अकाउंट शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। इसमें बताया गया था कि कैसे जेल में रहते हुए अपराधी रंगदारी मांग रहे हैं, जान मारने की धमकी दे रहे हैं। इसके बावजूद पुलिस का टेक्निकल सेल मामले का खुलासा नहीं कर पा रहा है। अदालत ने इस मामले को काफी गंभीरता से लिया है। दैनिक भास्कर में 22 दिसंबर को छपी खबर।


