छत्तीसगढ़ के सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के चुरेला गांव में सतनामी समाज के प्रतीक जैतखाम को अपमानित करने का मामला सामने आया है। शराब के नशे में एक युवक ने जैतखाम को लात मारी, जबकि उसके साथी ने घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। यह घटना शनिवार, 3 जनवरी को छेरछेरा पर्व के दिन हुई। सतनामी समाज के संस्थापक बाबा गुरु घासीदास जी के जैतखाम को सत्य, समानता और मानवता का प्रतीक माना जाता है। इस घटना से सतनामी समाज के पदाधिकारियों में गहरा आक्रोश देखा गया। गांव वालों ने युवकों को सजा देने का लिया फैसला घटना के बाद रविवार, 4 जनवरी को गांव में एक बैठक बुलाई गई। बैठक में गांव वालों ने आरोपी युवक रमेश सोनी और वीडियो बनाने वाले उसके साथी हितेश कुमार महिलाने को अनोखी सजा देने का फैसला किया। गांव वालों की मौजूदगी में दोनों युवकों का आधा सिर मुंडवाया गया और आधी मूंछें भी काट दी गईं। इसके बाद उन्हें जूतों का हार पहनाकर पूरे गांव में घुमाया गया। इस दौरान लोग बाबा गुरु घासीदास और डॉ. भीमराव अंबेडकर के जयकारे लगाते रहे। दोनों युवकों ने जैतखाम पर मत्था टेककर मांगी माफी सजा के दौरान दोनों युवकों ने बारी-बारी से गांव वालों और समाज के लोगों के सामने जैतखाम पर मत्था टेककर माफी मांगी। इस पूरी घटना और सजा के वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। सतनामी विकास परिषद सारंगढ़ के ब्लॉक अध्यक्ष बी.डी. भारद्वाज ने बताया कि जानकारी मिलने पर वे गांव पहुंचे थे। उन्होंने गांव वालों से कहा था कि यदि वे कार्रवाई नहीं करेंगे तो वे पुलिस में एफआईआर दर्ज कराएंगे। इसके बाद गांव वालों ने अपने स्तर पर मामले का समाधान किया। भारद्वाज ने समाज के लोगों से अपील की है कि नशे की हालत में बाबा गुरु घासीदास जी का अपमान न करें, क्योंकि ऐसे अपमान को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और अपमान करने वालों को कठोरतम सजा दिलाई जाएगी।


