भास्कर न्यूज | कवर्धा आज के दौर में जहां बच्चे मोबाइल और डिजिटल दुनिया में खोते जा रहे हैं, वहीं कवर्धा में वी ज्ञान वल्लभ पाठ, नाम की संस्था बच्चों के अंदर नैतिकता, करुणा, दया और ईमानदारी जैसे संस्कारों की नींव रख रही है। यह संस्था वर्ष 2019 से सक्रिय है और अब तक सैकड़ों बच्चों को आध्यात्मिकता और नैतिकता की राह पर चलने की प्रेरणा दे चुकी है। संस्था की कक्षाएं सप्ताह में दो दिन शनिवार और रविवार को जैन मंदिर परिसर में लगाई जाती हैं। इन कक्षाओं में लगभग 35 बच्चे नियमित रूप से भाग लेते हैं। यहां बच्चों को केवल पूजा-पाठ ही नहीं, बल्कि जीवन में सही व्यवहार और सोच का भी पाठ पढ़ाया जाता है। संस्था के सदस्यों का कहना है कि यह सब भगवान की क्रिया है, एक ऐसा प्रयास जो बच्चों के भीतर मानवीय गुणों को जागृत करने के लिए किया जा रहा है। नीता लुनिया, श्वेता चोपड़ा, पलक लोढ़ा, ऋतु बरडिया, प्रीति लुनिया, दीपान्विता जैन, नेहा लुनिया, शिल्पी लोढ़ा, स्नेहा लुनिया सप्ताह में दो दिन बच्चों को शिक्षा देने समय दे रही हैं। क्लास में बच्चों को करुणा और नैतिकता का महत्व कहानियों के माध्यम से सिखाया जाता है। संस्था की सदस्य नीता लूनिया ने बताया कि बाहर के वातावरण में बच्चों को करुणा, दया या ईमानदारी जैसी बातें अब आसानी से नहीं मिलतीं। घरों में भी माता-पिता समझाते हैं, लेकिन जब इन्हीं बातों को परमात्मा और धर्म के दृष्टिकोण से समझाया जाता है, तो बच्चे उसे गहराई से महसूस करते हैं। संस्था में जुड़े गुरुजन स्वयं भी प्रतिदिन सुबह दो घंटे पूजा और ध्यान करते हैं। उनका मानना है कि बच्चों को सिखाने से पहले स्वयं अनुशासन में रहना जरूरी है। पाठशाला में बच्चों को मंदिर विधि, सामयिक विधि याद कराई जाती है, साथ ही व्यवहारिक ज्ञान भी दिया जाता है जैसे बोलते समय विनम्रता कैसे रखें, खाते समय कैसे व्यवहार करें, जूठा भोजन न छोड़ें, जितना आवश्यक हो उतना ही लें। नीता ने बताया कि हम नींव का काम कर रहे हैं। यदि बचपन में ही बच्चों के भीतर नैतिकता और करुणा की भावना जगाई जाए, तो वही आगे चलकर समाज की मजबूती का आधार बनती है। जैन मंदिर में हर सप्ताह बच्चों की हंसी, सीख और संस्कारों की गूंज सुनाई देती है।


