अखिल भारतीय तेरापंथ महिला मंडल के निर्देशन में तेरापंथ महिला मंडल राजनगर व कांकरोली के संयुक्त तत्वावधान में विश्व कैंसर दिवस के अवसर पर सर्वाइकल कैंसर जांच शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में कुल 200 महिलाओं का पैप स्मीयर टेस्ट कर सर्वाइकल कैंसर की जांच की गई।
इससे पहले स्वास्थ्य भवन में कैंसर अवेयरनेस कार्यक्रम आयोजित हुआ। कार्यक्रम में जैन मुनि सुरेश कुमार के सहवर्ती मुनि संबोध कुमार ‘मेधांश’ ने कहा कि “संयम खलू जीवनम्” से ही हमारी जीवन शैली की शुरुआत होती है। आज बेमेल खान-पान, अनियमित दिनचर्या और तनाव के कारण कैंसर का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है। यदि व्यक्ति स्वस्थ रहेगा तो पूरा राष्ट्र निरामय रहेगा।
मुनि विशाल कुमार ने कहा कि कैंसर खतरनाक अवश्य है, लेकिन जानलेवा नहीं है। संयम और सादगी को अपनाकर इससे बचाव संभव है और इसी में ऐसे आयोजनों की सार्थकता है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला कलेक्टर अरुण कुमार हसीजा ने कहा कि जैन दर्शन के पांच सिद्धांत ‘अहिंसा, सत्य, अस्तेय, ब्रह्मचर्य और अपरिग्रह’ यदि जीवन में उतार लिए जाएं तो स्वस्थ भारत का निर्माण संभव है। सहज जीवन शैली अपनाकर कैंसर पर विजय पाई जा सकती है। इस अवसर पर सीएमएचओ हेमंत बिंदल एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. ममता ने सर्वाइकल कैंसर के कारणों एवं बचाव के उपायों पर विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम में रितु धोका, मनीषा कच्छारा, कल्पना बड़ोला, निरुपमा धारीवाल सहित अनेक महिलाएं उपस्थित रहीं। शिविर में डॉ. ममता प्रजापत, डॉ. भव्या, डॉ. ममता, डॉ. अपराजिता शर्मा, पायल खिंची, रेखा सेरसिया, ईफती खान एवं दीपिका मेघवाल ने सेवाएं दीं।


