जैसलमेर अब अपनी खूबसूरती के साथ-साथ नई व्यवस्थाओं को लेकर चर्चा में है। नगर परिषद ने शहर में प्रवेश करने वाले पर्यटकों पर नया ‘यात्री कर’ लगाने का फैसला किया है। गजट नोटिफिकेशन जारी होने के बाद यह कर लागू होगा और शहर के विकास में मदद करेगा। अब तक पर्यटक जैसलमेर के किलों, हवेलियों और रेगिस्तान में घूमने के लिए अलग-अलग टिकट लेते थे। लेकिन अब शहर की सीमा में प्रवेश करते ही पर्यटकों को यह नया कर देना होगा। नगर परिषद आयुक्त लजपाल सिंह सोढा के अनुसार, शहर की सफाई, सड़कों के रखरखाव और पर्यटकों को बेहतर सुविधा देने के लिए अतिरिक्त बजट की जरूरत थी। इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए ‘यात्री कर’ का प्रस्ताव तैयार किया गया। राज्य सरकार के स्वायत्त शासन विभाग ने कर लगाने की स्वीकृति दे दी है। गजट नोटिफिकेशन जारी होने के बाद इसे शहर में लागू कर दिया जाएगा। यात्री कर से प्राप्त राशि शहर की सुविधाओं और विकास कार्यों में खर्च की जाएगी, जिससे जैसलमेर का इन्फ्रास्ट्रक्चर और पर्यटक अनुभव दोनों बेहतर होंगे। क्यों लिया गया यह फैसला? जैसलमेर एक छोटा शहर है, लेकिन पर्यटन सीजन (अक्टूबर से मार्च) के दौरान यहाँ लाखों की संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। इतनी बड़ी संख्या में वाहनों के आने से शहर की सड़कों पर दबाव बढ़ जाता है, जाम की स्थिति पैदा होती है और प्रदूषण भी बढ़ता है। नगर परिषद कमिश्नर लजपाल सिंह सोढा का कहना है कि शहर की सफाई, सड़कों के रखरखाव और पर्यटकों को बेहतर सुविधा देने के लिए अतिरिक्त बजट की जरूरत है। इसी को ध्यान में रखते हुए ‘यात्री कर’ लगाने का नवाचार किया गया है, जिसकी स्वीकृति राज्य सरकार के स्वायत्त शासन विभाग ने दे दी है। कहां कटानी होगी रसीद? नगर परिषद ने शहर के दो सबसे प्रमुख रास्तों को चुना है जहां से सबसे ज्यादा पर्यटक वाहन आते हैं। इन दोनों जगहों पर ‘टोल नाके’ या ‘एंट्री पॉइंट्स’ बनाए जाएंगे। कमिश्नर सोढा बताते हैं- जोधपुर रोड पर एक एंट्री गेट बनेगा। यहां से आने वाले ज्यादातर पर्यटक जयपुर, जोधपुर और बीकानेर की तरफ से आते हैं। वहीं दूसरा एंट्री गेट बाड़मेर रोड पर बनेगा। इस रास्ते से गुजरात और दक्षिण राजस्थान से आने वाले पर्यटकों का भारी दबाव रहता है। जैसे ही कोई पर्यटक वाहन इन नाकों को पार करेगा, उसे निर्धारित शुल्क जमा करना होगा और उसकी रसीद लेनी होगी। वाहनों की नई रेट लिस्ट: आपकी जेब पर कितना भार नगर परिषद ने स्पष्ट किया है कि यह टैक्स केवल पर्यटकों और बाहर से आने वाले कॉमर्शियल वाहनों पर लागू होगा। यह टैक्स एक तरह से ‘एंट्री फीस’ की तरह काम करेगा। स्थानीय निवासियों को इसमें राहत मिलेगी। इसकी विस्तृत गाइडलाइन जल्द ही जारी होगी। वाहनों की क्षमता के हिसाब से रेट इस प्रकार हैं: पहले भी लगाया था यात्री कर, फिर हटाया इससे पहले भी जैसलमेर में साल 2004 में यात्री कर की सुविधा शुरू की गई थी, मगर बढ़ते विवादों के चलते उसको बंद कर दिया गया था। उस समय ठेका पद्धति से यात्री टोल चलता था। मगर अब लजपाल सिंह बताते हैं कि हम कोई टेंडर प्रक्रिया नहीं करके खुद ही इसको चलाएंगे। ताकि पारदर्शिता बनी रही और किसी भी तरह का विवाद आदि ना हो। जैसलमेर नगर परिषद को होगी कमाई इस पूरे प्रोजेक्ट से नगर परिषद को भारी राजस्व मिलने की उम्मीद है। नगरपरिषद कमिश्नर लजपाल सिंह सोढा ने बताया- यात्री कर से लाखों रुपए सालाना मिलने की उम्मीद है। इससे सीजन में बढ़ने वाले यात्री भार से शहर की सफाई पर व अन्य भार बढ़ जाता है जिसको लेकर हम उस पैसों का सही इस्तेमाल कर सकेंगे। उस पैसों का खर्च हम पर्यटन स्थलों की सार संभाल व विकास आदि पर कर सकेंगे।नगर परिषद जल्द ही इन नाकों का निर्माण शुरू करेगी और सीजन के चरम पर पहुंचने से पहले इसे पूरी तरह लागू कर दिया जाएगा।


