जैसलमेर जिला कांग्रेस में लंबे समय बाद सियासी मेल-मिलाप का नजारा देखने को मिला। शनिवार को नवनियुक्त जिलाध्यक्ष अमरदीन फकीर ने कलाकार कॉलोनी स्थित जिला कांग्रेस कार्यालय में पदभार ग्रहण किया। आयोजन भव्य रहा और शक्ति प्रदर्शन जैसा माहौल नजर आया। सबसे अहम बात—कांग्रेस के दो प्रमुख गुट धनदेव और फकीर वर्षों बाद पहली बार एक साथ मंच पर दिखाई दिए। स्थानीय माहेश्वरी भवन भवन में सैकड़ों लोगों की भारी भीड़ के बीच हरीश चौधरी ने नवनियुक्त जिलाध्यक्ष अमरदीन फकीर को पूर्व मंत्री सालेह मोहम्मद और पूर्व विधायक रूपाराम धनदेव के बीच खड़ा किया और जिलाध्यक्ष ने दोनों के हाथ पकड़कर कांग्रेस को मजबूती देने का सन्देश दिया। इस दौरान पूरा भवन तालियों की गूंज से गूंज उठा। “कांग्रेस एकजुट—आज इसका प्रमाण है” : जिलाध्यक्ष फकीर अमरदीन फकीर ने कहा- “जैसलमेर में कांग्रेस पहले से अधिक एकजुट है। मैंने जिलाध्यक्ष बनते ही कहा था कि दोनों गुटों को साथ लाऊंगा, और उसका उदाहरण आज का समारोह है।”
उन्होंने दावा किया कि आने वाले चुनावों में कांग्रेस एकजुटता के दम पर बड़ी जीत दर्ज करेगी। दिग्गज नेताओं की उपस्थिति, शक्ति प्रदर्शन की छाप पदभार ग्रहण समारोह में AICC मध्य प्रदेश प्रभारी व बायतु विधायक हरीश चौधरी, जैसलमेर-बाड़मेर सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल, पूर्व कैबिनेट मंत्री सालेह मोहम्मद, पूर्व विधायक रूपाराम धनदेव, बाड़मेर जिला प्रमुख महेंद्र चौधरी, बाड़मेर कांग्रेस जिलाध्यक्ष लक्ष्मणसिंह गोदारा, पूर्व जिला प्रमुख अब्दुल्ला फकीर, पूर्व जिला प्रमुख अंजना मेघवाल, कांग्रेस नेता हुसैन फकीर व जानब खान भईया सहित बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे। नेताओं ने मंच से साफ संदेश दिया—कांग्रेस अब एकजुट है और आगामी नगरीय निकाय व पंचायती राज चुनावों में मजबूती से उतरेगी। गुटबाजी से कांग्रेस को हुआ है नुकसान जैसलमेर कांग्रेस वर्षों से दो खेमों—धनदेव गुट और फकीर गुट—की खींचतान में उलझी रही है। सालेह मोहम्मद, सिंधी मुस्लिम समुदाय के प्रभावी नेता वहीं रूपाराम धनदेव, मेघवाल महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष है। दोनों ही समाज कांग्रेस के कोर वोटर रहे हैं, मगर गुटबाजी के चलते पार्टी को कई चुनावों में नुकसान झेलना पड़ा।अमरदीन फकीर की नियुक्ति को दोनों गुटों के बीच संतुलन बनाने की रणनीति माना जा रहा है। क्या सचमुच घटेंगी दूरियां? समारोह में दोनों गुटों के नेता एक मंच पर जरूर दिखे, लेकिन असली परीक्षा आगामी नगरीय निकाय व पंचायती राज चुनावों में होगी। कांग्रेस कार्यकर्ता भी यह देखने के इंतजार में हैं कि क्या नया जिलाध्यक्ष दोनों गुटों को स्थायी तौर पर एक कर पाएगा या टकराव की पुरानी कहानी फिर दोहराई जाएगी। कौन हैं अमरदीन फकीर? पूर्व कैबिनेट मंत्री सालेह मोहम्मद के भाई हैं। पूर्व प्रधान, पंचायत समिति जैसलमेर व कांग्रेस संगठन में कार्यकारी जिलाध्यक्ष रह चुके हैं। पार्टी में माना जा रहा है कि उनकी नियुक्ति सामाजिक संतुलन और संगठनात्मक मजबूती को ध्यान में रखते हुए की गई है। जैसलमेर कांग्रेस में बदलते समीकरण और नई ऊर्जा का माहौल देखकर कार्यकर्ताओं में उत्साह है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या यह एकता मैदान में भी वोटों में तब्दील हो पाती है। पदभार ग्रहण समारोह में मौजूद प्रमुख नेता हरीश चौधरी — मध्यप्रदेश कांग्रेस प्रभारी व विधायक, बायतू उमेदाराम बेनीवाल — सांसद, जैसलमेर-बाड़मेर-बालोतरा सालेह मोहम्मद — पूर्व केबिनेट मंत्री विनोद जाखड़ — NSUI प्रदेशाध्यक्ष पदमाराम मेघवाल — पूर्व विधायक, चौहटन लक्ष्मण सिंह चौधरी — जिलाध्यक्ष, जिला कांग्रेस कमेटी बाड़मेर राजेन्द्र मुंड — पीसीसी महासचिव व प्रभारी, जैसलमेर अंजना मेघवाल — पीसीसी महासचिव हुसैन फकीर — वरिष्ठ कांग्रेस नेता महेंद्र चौधरी — जिला प्रमुख, बाड़मेर जानब खान — पीसीसी सदस्य उमेदसिंह तंवर — पूर्व जिलाध्यक्ष, DCC जैसलमेर फतेह खान — पूर्व जिलाध्यक्ष, DCC बाड़मेर मदनसिंह भाटी — वरिष्ठ नेता जनकसिंह भाटी — वरिष्ठ नेता छोटू खान कंधारी — कांग्रेस नेता सुमार खान — पूर्व अध्यक्ष, नगरपालिका मुराद फकीर — ब्लॉक अध्यक्ष कुंदन प्रजापत — कांग्रेस नेता रशीदा बानो — पूर्व प्रधान, पाटौदी जसवंतसिंह — कार्यकारी जिलाध्यक्ष अन्य गणमान्य जन व बड़ी संख्या में कार्यकर्ता


