जैसलमेर में मंगलवार की सुबह घने कोहरे की चादर के साथ हुई। जिले में बढ़ते सर्दी के सितम और घने कोहरे ने जनजीवन की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है। विजिबिलिटी काफी कम होने के कारण हाईवे और शहर की सड़कों पर वाहनों की रफ्तार धीमी पड़ गई। वाहन चालक हेडलाइट जलाकर रेंगते हुए आगे बढ़ते नजर आए। वर्तमान में जिले का तापमान 11 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है, जिससे सर्दी का असर और तेज हो गया है। कड़ाके की ठंड और सुबह के समय कोहरे के जोखिम को देखते हुए जिला कलेक्टर प्रताप सिंह ने बीती रात एक आदेश जारी किया है। बच्चों की सुरक्षा के मद्देनजर जिले के सभी सरकारी व प्राइवेट स्कूलों के समय में बदलाव कर दिया गया है। अब स्कूल सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक संचालित होंगे। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है ताकि छोटे बच्चों को सुबह की ठिठुरन से बचाया जा सके। स्वास्थ्य विभाग अलर्ट: सीएमएचओ ने जारी की गाइडलाइन इसी बीच सीएमएचओ डॉ. राजेंद्र कुमार पालीवाल ने शीतलहर से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग की तैयारियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सभी हॉस्पिटल में शीतलहर पीड़ितों के लिए विशिष्ट कार्य योजना बनाई गई है और दवाइयों का पर्याप्त स्टॉक सुनिश्चित किया गया है। विजिबिलिटी हुई कम घने कोहरे के कारण विजिबिलिटी बेहद कम हो गई। विजिबिलिटी के काफी कम होने के कारण हाईवे और शहर की सड़कों पर वाहनों की रफ्तार धीमी पड़ गई। वाहन चालक हेडलाइट जलाकर रेंगते हुए आगे बढ़ते नजर आए। स्कूलों के समय में किया बदलाव कड़ाके की ठंड और सुबह के समय कोहरे के जोखिम को देखते हुए जिला कलेक्टर प्रताप सिंह ने बीती रात एक आदेश जारी किया है। बच्चों की सुरक्षा के मद्देनजर जिले के सभी सरकारी व प्राइवेट स्कूलों के समय में बदलाव कर दिया गया है। अब स्कूल सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक संचालित होंगे। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है ताकि छोटे बच्चों को सुबह की ठिठुरन से बचाया जा सके। CMHO डॉ. राजेंद्र पालीवाल की मुख्य सलाह- डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि उंगलियों, कान या नाक के सुन्न होने या उनके सफेद पड़ने पर मालिश न करें, बल्कि गुनगुने पानी का इस्तेमाल करें और हॉस्पिटल पहुंचे।


