जैसलमेर में पिछले 48 घंटों में मौसम ने ऐसी पलटी मारी है कि मरुप्रदेश अब ‘कोल्ड चैंबर’ में तब्दील हो गया है। उत्तरी बर्फीली हवाओं के कारण न्यूनतम तापमान में 5 डिग्री सेल्सियस की भारी गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि शुक्रवार को कोहरे से राहत मिली, मगर चांधन कस्बे में गाड़ियों पर बर्फ की परत जम गई। बुधवार और गुरुवार की दरमियानी रात सीजन की सबसे ठंडी रात रही, जहां पारा गिरकर 3.3 डिग्री पर पहुंच गया, जो सामान्य से 5.1 डिग्री कम है। तापमान में आई इस भारी गिरावट ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। चांधन और नहरी बेल्ट में ओस की बूंदें बर्फ बन गई हैं, जिससे जीरा, चना और सरसों की फसल को भारी नुकसान हो सकता है। मौसम विभाग की माने तो आगामी कुछ दिनों तक शीत लहर का प्रकोप जारी रहेगा। उत्तर दिशा से आने वाली सर्द हवाएं अभी और ठिठुरन बढ़ा सकती हैं। चांधन में कश्मीर जैसे हालात: गाड़ियों पर जमी बर्फ शुक्रवार सुबह चांधन कस्बे में नजारा शिमला या कश्मीर जैसा नजर आया। यहां कड़ाके की ठंड का आलम यह था कि खड़ी गाड़ियों की छतों और शीशों पर बर्फ की सफेद परत जम गई। सुबह-सुबह किसान गाड़ियों से बर्फ हटाते नजर आए। हालांकि, शुक्रवार को कोहरे से थोड़ी निजात मिली और विजिबिलिटी में सुधार हुआ, लेकिन गलन बरकरार रही। शुक्रवार का न्यूनतम पारा 4.7 डिग्री दर्ज किया गया। विजिबिलिटी 10 मीटर से भी कम, थमा जनजीवन गुरुवार को जिले में लगातार तीसरे दिन घना कोहरा छाया रहा। सुबह के समय विजिबिलिटी 10 मीटर से भी कम रहने के कारण वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। नहरी क्षेत्र (नाचना) में नमी और बर्फीली हवाओं के कारण बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा। लोग ठंड से बचने के लिए अलाव और भारी ऊनी कपड़ों का सहारा ले रहे हैं। पशुपालक अपने मवेशियों को बचाने के लिए टाट-पट्टियों का उपयोग कर रहे हैं। खेती पर ‘पाले’ की मार: जीरा और सरसों के किसान चिंतित तापमान में आई इस भारी गिरावट ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, जब तापमान 4 डिग्री से नीचे चला जाता है और आसमान साफ होता है, तो ‘पाला’ पड़ने की आशंका बढ़ जाती है। चांधन और नहरी बेल्ट में ओस की बूंदें बर्फ बन गई हैं, जिससे जीरा, चना और सरसों की फसल को भारी नुकसान हो सकता है। मौसम विभाग का अलर्ट आगामी कुछ दिनों तक शीत लहर का प्रकोप जारी रहेगा। उत्तर दिशा से आने वाली सर्द हवाएं अभी और ठिठुरन बढ़ा सकती हैं।


