जैसलमेर के रामदेवरा में पोकरण-फलसुंड-सिवाना पेयजल योजना की नहरी विभाग की पाइपलाइन फट गई। पाइपलाइन फटने से 50 से ज्यादा घरों में 5 फीट तक पानी भर गया। करीब 2 घंटे का समय हो गया और पानी अभी भी बह रहा है। रामदेवरा के नाचना चौराहे के पास नेशनल हाईवे-11 (बीकानेर-बाड़मेर हाईवे) की पुलिया की सर्विस रोड पर यह पाइपलाइन दोपहर करीब 12 बजे फटी। 2 महीने से पाइप लाइन में लीकेज था
रामदेवरा सरपंच समंदर सिंह ने बताया- पाइपलाइन में करीब 2 महीने से लीकेज था। इसके बारे में हमने पोकरण एसडीएम के साथ अन्य अधिकारियों को जानकारी दी थी।
आज दोपहर बाद अचानक मुख्य पाइपलाइन फट गई। पाइपलाइन फटते ही तेजी से पानी निकलने लगा। जिसके बाद पानी निचले इलाके में स्थित नई बस्ती में चला गया। गाड़ियां डूबीं
बस्ती में करीब 250 घर है। जिनमें से 50 घरों में 5 फीट तक पानी भर चुका है। पानी की स्पीड इतनी तेज थी कि लोगों को अपना सामान हटाने का मौका भी नहीं मिला। लोगों का घरेलू और अन्य सामान पानी में डूब गया। बच्चे और बड़े तुरंत छतों पर चले गए। कई घरों के सामने खड़ी बाइक और कार भी पानी में डूब गईं। बिजली का पोल हुआ तिरछा, सप्लाई बंद करवाई
पानी के कटाव से एक बिजली का पोल तिरछा हो गया। जिसके बाद बिजली विभाग में फोन कर सप्लाई बंद करवाई गई। मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। लोगों ने कहा कि पेयजल विभाग की लापरवाही से हमारे घरों के ढहने का खतरा पैदा हो गया है। करीब 2 घंटे बाद भी पानी रुका नहीं है। ‘अधिकारियों की लापरवाही लोगों पर पड़ी भारी’
ग्रामीण मूलाराम कुमावत ने बताया- पाइपलाइन में लीकेज की शिकायत कई बार विभाग को की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। आज पाइपलाइन फटने से पूरी बस्ती डूब गई। लोगों को बहुत नुकसान हुआ है। प्रशासन भी लोगों के नुकसान को देखकर गया है। अधिकारियों की लापरवाही का खामियाजा बस्ती के लोग भुगत रहे है। कई घरों में 4-5 फीट पानी भर गया है। बस्ती निवासी कीलाराम के घर में 50 क्विंटल गंवार रखी थी, वो भी पानी में डूब गई। जानवरों के लिए रखा चारा भी पानी में डूब गया है। लोगों ने नहरी विभाग के अधिकारियों को घेरा
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि पिछले दो महीनों से इस स्थान पर पाइपलाइन में लीकेज की समस्या थी, लेकिन नहरी विभाग के अधिकारियों की लापरवाही के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है। अब कई घरों के ढहने का खतरा पैदा हो गया है। लोगों ने मौके पर पहुंचे नहरी विभाग के अधिकारियों को घेर लिया। लोगों ने जलदाय विभाग को सूचना दी। जिसके बाद एक्सईएन समेत अन्य अधिकारी मौके पर पहुंच गए। ये पाइपलाइन नाचना से शुरू होकर बालोतरा के सिवाना तक जाती है। पाइप की चौड़ाई करीब 5 फीट है। एसडीएम परबजोत सिंह गिल ने विभाग को पानी की सप्लाई बंद करने के निर्देश दिए है। तहसीलदार विष्णु मोहन चारण, रामदेवरा थानाधिकारी शंकरलाल भी मौके पर मौजूद है। जेसीबी की सहायता से पानी को बंद करने का किया जा रहा प्रयास पंचायत समिति सांकड़ा बीडीओ नरपत सिंह ने कहा- सूचना पर पूरा प्रशासनिक जाब्ता मौके पर पहुंचा है। प्रशासन पानी को रोकने के लिए कोशिश कर रहा है। पानी को जेसीबी की सहायता से पानी को बंद करने के प्रयास किए जा रहे है। संबंधित विभाग के अधिकारियों को सूचना दी गई है, पानी को कही अन्यत्र निकालने के प्रयास भी किए जा रहे है। पोकरण डिप्टी भवानी सिंह भी मौके पर पहुंचे और और यातायात को डायवर्ट कर स्थिति को नियंत्रण में लिया। पोकरण डिप्टी भवानी सिंह ने कहा कि इस घटना की सूचना पर मौके पर पहुंच कर स्थिति को नियंत्रण में लिया। पानी अधिक बहने के कारण बस्ती वासियों को परेशानी हुई है। प्रशासन पानी रोकने के प्रयास कर रहा है। यह खबर भी पढ़े… 1. जैसलमेर में जहां पानी की धार निकली,उसमें ट्रक-बोरिंग मशीन समाए:गैस निकलने के कारण 500 मीटर का इलाका खाली कराया, जांच के लिए ONGC के अधिकारी पहुंचे ट्यूबवेल की खुदाई के दौरान रेगिस्तान से पानी की धार ऐसी फूटी कि उसे रोकना मुश्किल हो रहा है। ट्यूबवेल की खुदाई के लिए लाई गई बोरिंग मशीन, ट्रक सहित धरती में समा गई है। पानी के प्रवाह को देखते हुए 500 मीटर के दायरे का इलाका प्रशासन ने खाली करा लिया है। उधर, तेल-गैस की कंपनी ONGC के अधिकारी मौके पर आए और जमीन से निकल रही गैस की जांच की। (पढ़ें पूरी खबर) 2. जैसलमेर में जहां पानी की धार बही,वहां धमाके होंगे!:जहरीली गैस के रिसाव, जमीन धंसने की आशंका; इसलिए ट्रक-बोरिंग मशीन का रेस्क्यू नहीं जैसलमेर में जिस जगह पर धरती से पानी की धार फूट पड़ी थी, उस जगह धमाके हो सकते हैं। वहां से जहरीली गैस के रिसाव की आशंका है। जमीन धंस सकती है। इसलिए धरती में समाए ट्रक और बोरिंग मशीन निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन अभी नहीं चलाया जा रहा है। (पढ़ें पूरी खबर) 3. बोरवेल में जलधारा फूटी,वहां अभी भी बड़ा खतरा बना:ONGC की टीम ने जैसलमेर कलेक्टर को सौंपी रिपोर्ट, बताया- ट्रक-मशीन बाहर नहीं निकालें जैसलमेर में जहां 850 फीट गहरे बोरवेल में जलधारा फूटी, वहां अभी भी बड़ा खतरा बना हुआ है। ONGC की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि बोरवेल में फंसे ट्रक और मशीन को बाहर नहीं निकालना चाहिए। अगर उन्हें बाहर निकाल लिया गया तो फिर से पानी और गैस का रिसाव हो सकता है। (पढ़ें पूरी खबर)


