जैसलमेर में रामगढ़ बनी नई पंचायत समिति:फलसूण्ड मुख्यालय के साथ राजमथाई भी बनी नई समिति, अब कुल 10 समितियां

राजस्थान सरकार के ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग ने एक महत्वपूर्ण अधिसूचना जारी करते हुए जैसलमेर जिले में पंचायत समितियों के पुनर्गठन और पुनर्सीमांकन की प्रक्रिया को अंतिम रूप दे दिया है। इस नए बदलाव के तहत भारत-पाकिस्तान सीमा पर स्थित सामरिक रूप से महत्वपूर्ण रामगढ़ को अब नई पंचायत समिति बना दिया गया है। साथ ही पोकरण विधानसभा में राजमथाई को नई पंचायत समिति बनाया गया जिसका मुख्यालय फलसूंड रखा गया है। इन दोनों नई समितियों को मिलाकर जिले में अब 10 पंचायत समितियां बन गई है। रामगढ़ पंचायत समिति में शामिल हुई 20 ग्राम पंचायतें नई गठित रामगढ़ पंचायत समिति के अंतर्गत कुल 20 ग्राम पंचायतों को शामिल किया गया है। इनमें सीमावर्ती और दूरदराज के क्षेत्र शामिल हैं: नवसृजित राजमथाई (मुख्यालय फलसूंड) पंचायत समिति में कुल 30 ग्राम पंचायतों को शामिल किया गया है: राजमथाई (मुख्यालय फलसूंड) पंचायत समिति की सूची: जिले में कुल 10 पंचायत समितियां संचालित होंगी राज्य सरकार की इस अधिसूचना के बाद जैसलमेर जिले में अब पंचायत समितियों की कुल संख्या 10 हो गई है। नए ढांचे के अनुसार जिले की समितियां इस प्रकार हैं: चुनाव के बाद प्रभावी होगा नया स्वरूप अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि वर्तमान में विद्यमान पंचायत समितियां तब तक कार्य करती रहेंगी जब तक कि इन नवसृजित या पुनर्गठित पंचायत समितियों के चुनाव संपन्न नहीं हो जाते। जैसे ही नई समितियों का कार्यकाल प्रारंभ होगा, पुरानी व्यवस्था स्वतः समाप्त हो जाएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि रामगढ़ और खुहडी जैसी नई समितियां बनने से जैसलमेर के रेगिस्तानी इलाकों में विकास कार्यों को गति मिलेगी। विशेषकर तनोट और आसूतार जैसे सीमावर्ती क्षेत्रों के निवासियों को अब ब्लॉक स्तर के कार्यों के लिए जैसलमेर शहर नहीं दौड़ना पड़ेगा। पंचायत समिति वार ग्राम पंचायतों की संख्या मुख्य विवरण:

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