जैसलमेर में लगातार तीसरे दिन घना कोहरा:रेगिस्तान में कोहरे की घनी चादर छाई, हेल्थ डिपार्टमेंट ने जारी की एडवाइजरी

स्वर्णनगरी जैसलमेर में नए साल का आगाज भीषण सर्दी और घने कोहरे के साथ हुआ है। शुक्रवार को लगातार तीसरे दिन भी जिले में घने कोहरे का साम्राज्य रहा, जिससे स्वर्णनगरी पूरी तरह सफेद चादर में लिपटी नजर आई। बुधवार को हुई मावठ (बूंदाबांदी) के बाद शुरू हुआ सर्दी का यह दौर अब जानलेवा होता जा रहा है। शुक्रवार सुबह विजिबिलिटी (दृश्यता) 20 मीटर से भी कम दर्ज की गई, जिससे सड़कों पर वाहनों की रफ्तार थम गई और जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया। मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार, उत्तरी भारत से आ रही बर्फीली हवाओं के कारण जैसलमेर सहित पश्चिमी राजस्थान में अगले दो दिनों तक घने कोहरे और शीत लहर (Cold Wave) की स्थिति बनी रह सकती है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे रात के समय सफर करने से बचें और कोहरे में वाहन चलाते समय फॉग लाइट का अनिवार्य रूप से उपयोग करें। तीन दिन से सुबह सूरज के दर्शन दुर्लभ जैसलमेर में बुधवार को हुई हल्की बारिश के बाद गुरुवार को बर्फीली हवाएं चलीं और अब शुक्रवार को घने कोहरे ने ठंड के असर को दोगुना कर दिया है। लगातार तीन दिनों से सूरज और बादलों के बीच लुकाछिपी जारी है, जिससे दिन के तापमान में अपेक्षित बढ़ोतरी नहीं हो पा रही है। कोहरे के कारण सुबह 11 बजे तक भी लोग घरों में दुबके रहे और बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा। जो लोग काम के सिलसिले में बाहर निकले, वे भी अलाव जलाकर सर्दी से राहत पाने की कोशिश करते नजर आए। तापमान में भारी गिरावट और मौसमी उलटफेर मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटों में अधिकतम तापमान में 5 डिग्री की भारी गिरावट के बाद शुक्रवार को भी स्थिति में सुधार नहीं दिखा। गुरुवार को सीजन का सबसे ठंडा दिन रहा, जब पारा 20.4 डिग्री पर सिमट गया, जो सामान्य से 2.1 डिग्री कम था। रात का पारा भी 9.6 डिग्री दर्ज किया गया। शुक्रवार सुबह भी ठंडी हवाओं ने लोगों को ठिठुरने पर मजबूर कर दिया। कोहरे की वजह से हवा में नमी का स्तर 90 प्रतिशत तक पहुंच गया है, जो सर्दी की चुभन को और बढ़ा रहा है। पर्यटन और यातायात पर असर कोहरे का सबसे ज्यादा असर यातायात पर देखने को मिल रहा है। गाड़ियों को हेडलाइट जलाकर चलाना पड़ा और रफ़्तार भी काफी धीमी रही। स्वर्णनगरी घूमने आए पर्यटकों के लिए भी यह मौसम चुनौतीपूर्ण बन गया है। हालांकि, सोनार किले और गड़ीसर सरोवर पर कोहरे का नजारा पर्यटकों को लुभा रहा है, लेकिन बर्फीली हवाओं के कारण लोग होटलों से बाहर निकलने में हिचकिचा रहे हैं। डॉक्टरों की चेतावनी: लापरवाही पड़ सकती है भारी सीएमएचओ डॉ. राजेंद्र पालीवाल ने जिलेवासियों के लिए एडवाइजरी जारी की है। उन्होंने कहा कि “कोहरे और शीत लहर के दौरान विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। अगर शरीर में कंपकंपी महसूस हो, तो इसे हल्के में न लें, यह हाइपोथर्मिया का शुरुआती संकेत हो सकता है।” बचाव के लिए रखें इन बातों का ध्यान: आने वाले 48 घंटे रहेंगे चुनौतीपूर्ण मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार, उत्तरी भारत से आ रही बर्फीली हवाओं के कारण जैसलमेर सहित पश्चिमी राजस्थान में अगले दो दिनों तक घने कोहरे और शीत लहर की स्थिति बनी रह सकती है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे रात के समय सफर करने से बचें और कोहरे में वाहन चलाते समय फॉग लाइट का अनिवार्य रूप से उपयोग करें।
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जैसलमेर नए साल की शुरुआत में ठिठुरा:पश्चिमी विक्षोभ एक्टिव, दो-तीन दिन में 5 से 7 डिग्री तक गिर सकता है न्यूनतम तापमान। … साल 2026 की शुरुआत रेगिस्तान के लिए किसी बर्फीले एहसास से कम नहीं रही। जहां एक ओर पूरा देश नए साल के जश्न में डूबा था, वहीं सीमावर्ती जैसलमेर जिले सहित आसपास के नहरी क्षेत्रों में मौसम ने अपनी चाल बदल ली है। सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ के कारण साल के पहले दिन, गुरुवार को जैसलमेर शहर से लेकर सरहदी गांवों तक घना कोहरा छाया रहा। कड़ाके की ठंड और दृश्यता कम होने के कारण जनजीवन की रफ्तार धीमी पड़ गई है। (खबर पढ़ें)

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