जोंधरा | जोंधरा के सभी गली-मोहल्ले छेरछेरा-छेरछेरा की गूंज से गुंजायमान रहे। बड़े-बुजुर्गों से लेकर छोटे बच्चों तक, बाजा व कीर्तन मंडलियों के साथ युवाओं की टोलियां घर-घर जाकर छेरछेरा पर्व धूमधाम से मनाती नजर आईं। इस अवसर पर स्वच्छता अभियान से जुड़े लोगों ने भी सहभागिता करते हुए गली-मोहल्लों से अन्न, धान व धनराशि एकत्र की, जिसे स्वच्छता अभियान में उपयोग किया जाएगा। छेरछेरा छत्तीसगढ़ का प्रमुख लोकपर्व है, जिसे सभी वर्ग मिलकर उत्साहपूर्वक मनाते हैं। यह पर्व हर वर्ष पौष मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है और दान, सहयोग व सामाजिक एकता का संदेश देता है।


