जोधपुर मंडल के डीआरएम अनुराग त्रिपाठी बुधवार को बाड़मेर रेलवे स्टेशन पर पहुंचे। यहां पर उन्होंने 16.81 करोड़ रुपए तैयार हुए रेलवे स्टेशन का निरीक्षण किया। इन्होनें एग्जिट पोल और एंट्री गेट, टिकट बुकिंग, वेटिंग रूम समेत तैयार हुए स्टेशन का बारीकी से चैक किया। इस दौरान डीआरएम ने अपने मोबाइल से बाड़मेर रेलवे स्टेशन के साथ सेल्फी ली। डीआरएम ने मीडिया बातचीत में कहा कि बाड़मेर रेलवे स्टेशन तैयार हो गया है जल्दी इसका उद्घाटन किया जाएगा। बाड़मेर रेलवे स्टेशन जोधपुर मंडल का बड़ा और महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशन है। रेल मंत्रालय के अमृत भारत स्टेशन स्कीम का हिस्सा है। यह स्टेशन बनकर पूरी तरह से तैयार है। बहुत जल्दी इसका उद्घाटन किया जाएगा। आज स्टेशन की व्यवस्थाओं को लेकर निरीक्षण किया गया। स्टेशन देखने के बाद लगा करीब-करीब स्टेशन पूरा हो गया है। बहुत छोटी-छोटी चीजें जिसको हम ठीक करने के निर्देश दिए है। स्टेशन के साथ में एक ओवरब्रिज बन रहा है। उसमें थोड़ा समय लग रहा है लेकिन हमारा प्रयास है कि जल्दी से जल्दी इसको तैयार कर देंगे। वाशिंग और फ्रेट लाइन बनाना शुरू हो जाएगी। इसका टेंडर हो गया बहुत जल्दी वर्कर ऑर्डर दे दिया जाएगा। 8-9 महिनों में वो काम पूरा हो जाएगा। इससे बाड़मेर, डिवीजन और पूरे देश का फायदा होगा। अगर कई बार वाशिंग और फ्रेट लाइन बनती है। तो वहां से ट्रेनें मेंटेन होती है वहां से शुरू होने की संभावना बढ़ती है। बालोतरा से पचपदरा तक बिछेगी नई लाइन डीआरएम ने कहा- बालोतरा से पचपदरा रिफाइनरी तक रेल बिछाने का काम किया जाएगा। वहां पर बहुत पहले रेल लाइन जाती थी। जो बंद हो गई है। प्रशासन से रिक्वेस्ट करके हमने सर्वे करवाया है। अब हमने डिटेल सर्वे कार्य सौपा है। जो अभी पूरा होगा। पुरानी लाइन 10-12 किलोमीटर की है। जो हमारी लैड है। जो चल नहीं रही है। उसमें प्रशासन हमारी मदद करेगा। जितना जल्दी हो सकेगा हम उसका काम शुरू करने का प्रयास करेंगे। इसका प्रस्ताव हमने रेलवे बोर्ड भेजा है। पैसेंजर की सेफ्टी पहली प्राथमिकता डीआरएम ने कहा- आज का निरीक्षण बाड़मेर रेलवे स्टेशन का निरीक्षण नहीं है। जोधपुर से लेकर बाड़मेर तक का निरीक्षण कर रहे है। वेटर में हमारे ट्रैक के फैक्चर को लेकर ट्रेन एक्सीडेंट को लेकर खतरनाक होता है। रेल सेफ्टी को लेकर के ट्रैक ठीक हो उसमें कोई गतिविधि नहीं हो। उसके लिए पेट्रोलिंग की व्यवस्था की गई है। जो रात भर हमारे पेट्रोल मैन करते है। उनको जीपीएस लोकेटर दिया गया है। उससे हमारा कंट्रोलर मॉनिटरिंग करता है। ट्रैक मेंटनेंस को लेकर पूरे इलाके में मशीनें चल रही है। इसके अलावा सिग्नल की व्यवस्था होती सारे विभाग मिलकर उनके पैसेंजर की सेफ्टी मिल सकें।


