जोधपुर ब्यूटीशियन हत्याकांड में अब CBI करेगी जांच:जिस तैयब का नाम पुलिस चार्जशीट में नहीं, उसे भी बनाया आरोपी, सुनीता भी नामजद

जोधपुर के ब्यूटीशियन हत्याकांड में अब CBI जांच करेगी। ब्यूटीशियन अनीता की हत्या कर शव के छह टुकड़े करके जमीन में दफनाने के मामले में पुलिस ने 30 जनवरी को कोर्ट में चार्जशीट पेश की थी। चार्जशीट में पुलिस ने सिर्फ गुलामुद्दीन और उसकी पत्नी आबिदा को ही आरोपी माना। वहीं पीड़ित परिवार के आरोपों के बावजूद तैयब अंसारी का नाम चार्जशीट में नहीं था। सोमवार को इस केस में नया मोड़ आया, जब सीबीआई ने एफआईआर दर्ज कर ली। सीबीआई ने गुलामुद्दीन के साथ तैयब अंसारी व सुनीता को भी नामजद किया है। संभवतया एक-दो दिन में सीबीआई की टीम जांच के लिए जोधपुर पहुंच सकती है। ऐसी स्थिति में पुलिस द्वारा कोर्ट में पेश चार्जशीट के बाद आगे की कार्रवाई फिलहाल लंबित रहेगी। गुलामुद्दीन के साथ अब तैयब अंसारी व सुनीता भी नामजद अनीता मर्डर केस की जांच सीबीआई से कराने की मांग को लेकर परिजनों ने कई दिनों तक शव नहीं उठाया था। आखिरकार, कई दिनों की जद्दोजहद के बाद जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में 19 नवंबर को हुई वार्ता में सहमति बनी थी। इसमें सीबीआई जांच की अनुशंषा की शर्त भी शामिल थी। 28 नवंबर 2024 को राज्य सरकार ने इस प्रकरण की जांच सीबीआई से कराने की अनुशंषा भेजी थी। इसके कई दिनों बाद भी सीबीआई द्वारा एफआईआर दर्ज नहीं करने पर परिवादी चौधरी ने हाईकोर्ट की शरण ली थी। इस पर कोर्ट ने राज्य सरकार को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया था। इसके बाद सरकार ने सुनवाई के दौरान जवाब पेश करने के लिए कुछ दिन की मोहलत मांगी थी, तो कोर्ट ने केस की अगली सुनवाई 27 फरवरी को तय कर दी थी। इसी क्रम में गृह मंत्रालय की ओर से 21 जनवरी को नोटिफिकेशन जारी हुआ और 3 फरवरी को सीबीआई ने यह एफआईआर दर्ज की। सीबीआई ने गुलामुद्दीन के साथ तैयब अंसारी व सुनीता (अनीता की सहेली) को भी नामजद किया है। अब इसकी जांच उप अधीक्षक प्रणब दास को सौंपी गई है। अनसुलझे सवालों पर पुलिस की चुप्पी, सिर्फ लूट के लिए हत्या माना शहर के बहुचर्चित हत्याकांड में पुलिस शुरुआत से ही गफलत में ही नजर आई। परिस्थितिजन्य साक्ष्यों, सोशल मीडिया पर वायरल कई ऑडियो, वीडियो और परिजनों के आरोपों से जुड़े पहलुओं पर पुलिस ने चुप्पी साधे रखी। उन्हें संतुष्टिजनक जवाब देने की बजाय पुलिस पर मनमर्जी करने के आरोप लगते रहे। आखिरकार, पुलिस ने इस मामले में चार्ज शीट पेश कर सिर्फ गुलामुद्दीन और उसकी पत्नी को ही आरोपी माना। इनके अलावा तैयब अंसारी सहित अन्य की भूमिका को लेकर उठने वाले सवालों पर पुलिस की रहस्यमयी चुप्पी के चलते कई तरह के सवाल खड़े होते रहे हैं, जो अब भी बने हुए हैं। ऐसे में अब सीबीआई की जांच में इन सवालों से जुड़े जवाब सामने आने की उम्मीद परिजनों को है। सीबीआई की जांच रिपोर्ट के आधार पर तय होगी केस की दिशा क्रिमिनल लॉयर निशांत बोड़ा के अनुसार पुलिस ने इस मामले में कुछ दिन पहले ही चार्ज शीट कोर्ट में पेश की थी। अब सीबीआई ने एफआईआर दर्ज की है। अमूमन ऐसी स्थिति में सरकारी अधिवक्ता के जरिए कोर्ट में इसकी सूचना दी जाती है। उसी को ध्यान में रखते हुए कोर्ट में उस पर अग्रिम कार्रवाई होने की बजाय चार्ज शीट यथावत पड़ी रहेगी, जब तक कि सीबीआई उसमें कोर्ट में कोई नए तथ्य नहीं रखती है। फिलहाल पुलिस ने दो जनों को मुल्जिम माना है, वो सीबीआई की जांच आने तक रहेंगे ही। उसके बाद सीबीआई इन दो के अलावा किसी अन्य को भी मुल्जिम बनाएगी, तो उसके खिलाफ सप्लीमेंट्री चार्ज शीट दाखिल कर सकती है। यानी, सीबीआई की जांच रिपोर्ट के आधार पर ही इस केस में आगे की दशा और दिशा तय होगी।

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