जोधपुर में अध्यक्ष कौन? धनंजय खींवसर या आशीष व्यास

जयपुर | राजस्थान की क्रिकेट राजनीति में फिर से घमासान शुरू हो गया है। अब यह घमासान जोधपुर जिला क्रिकेट संघ को लेकर हो रहा है। आरसीए की ओर से जोधपुर जिला क्रिकेट संघ को एफिलिएशन के दो-दो पत्र जारी हुए हैं। एक में जोधपुर जिला क्रिकेट संघ के अध्यक्ष धनंजय खींवसर हैं तो दूसरे में आशीष व्यास। 8 दिसंबर का एक एफिलिएशन पत्र आरसीए एडहॉक कमेटी के कन्वीनर डीडी कुमावलत ने मंगलवार को जारी किया है जिसमें आशीष व्यास अध्यक्ष हैं जबकि 12 जनवरी का दूसरा एफिलिएशन पत्र तीन सदस्यों के हस्ताक्षर से जारी किया है। इसमें धनंजय खींवसर को अध्यक्ष बताया गया है। अनिल सिन्हा की जांच के लिए कन्वीनर की बनाई समिति को मानने से इनकार सलेक्शन कमेटी से हटे, ऑब्जर्वेशन कमेटी में शामिल सिन्हा : कोर्ट के आदेश के बाद अनिल सिन्हा को सलेक्शन कमेटियों के अध्यक्ष पद से तो हटा मान लिया गया लेकिन तीन सदस्यों ने उन्हें एक तीन सदस्यीय नई ऑब्जर्वेशन कमेटी में शामिल कर लिया। खास बात यह है कि विवादों के कारण से इन्हीं सदस्यों ने ही पहले भी एक 5 सदस्यीय ऑब्जर्वेशन कमेटी का गठन किया था। क्या वह कमेटी अब अस्तित्व में नहीं है। मंगलवार को एक पत्र जारी कर कन्वीनर द्वारा जो जांच कमेटी बनाई गई थी, 4 सदस्यों ने उसे भी मानने से इनकार कर दिया है। धनंजय खींवसर, मोहित यादव, पिंकेश पोरवाल और आशीष तिवाड़ी के हस्ताक्षर से जारी एक पत्र में कहा गया है कि सलेक्शन कमेटियों के खिलाफ शिकायत के बाद ही सर्वसम्मति से नई सलेक्शन कमेटियां बनाई गई थीं। 3 सदस्यों द्वारा जारी पत्र। जोधपुर हाईकोर्ट के आदेश के बाद शुरू हुआ घमासान जोधपुर हाईकोर्ट के 8 जनवरी के आदेश के बाद राजस्थान की क्रिकेट में यह घमासान शुरू हुआ है। जोधपुर हाईकोर्ट ने धनंजय सिंह खींवसर के 9 नवंबर 25 के आदेश को वैध नहीं मानते हुए पुरानी सलेक्शन कमेटियों को रिवोक कर दिया था। इसके बाद राजनीति तेज हुई। तीन सदस्यों ने एक मीटिंग बुलाई। इस मीटिंग में धनंजय कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए शामिल नहीं हुए। इस मीटिंग की अध्यक्षता आशीष तिवाड़ी ने की थी। इस मीटिंग में धनंजय खींवसर की अध्यक्षता वाले जोधपुर जिला क्रिकेट संघ को एफिलिएशन दे दिया गया। जबकि कोर्ट ने उन्हीं के आदेश से चुनी गईं सलेक्शन कमेटियों को यही कहकर नहीं माना था कि जब आदेश हुए थे उस दिन जोधपुर जिला क्रिकेट संघ सस्पेंड था। कन्वीनर द्वारा जारी पत्र।

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