जोधपुर में बीते कुछ दिनों में स्पा सेंटर की आड़ में चल रही अवैध गतिविधियों का पर्दाफाश होने के बाद पुलिस हरकत में आ गई है। पुलिस कमिश्नर ओमप्रकाश ने सोमवार को एक बड़ा आदेश जारी करते हुए सभी स्पा और मसाज सेंटरों को सख्त गाइडलाइन के दायरे में ला दिया है। इन नियमों का उल्लंघन करने वाले संचालकों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 के तहत मुकदमा दर्ज किया जाएगा। हाल ही में शहर के कई इलाकों जैसे महामंदिर, सरदारपुरा, शास्त्रीनगर और भगत की कोठी में पुलिस ने छापे मारकर अवैध गतिविधियों का खुलासा किया था, जिसमें कई विदेशी युवतियों को हिरासत में लिया गया था। इन घटनाओं के बाद पुलिस कमिश्नरेट ने पूरे सिस्टम को रेगुलेट करने का फैसला लिया है। पुलिस कमिश्नर के आदेश में कहा गया है कि पुरुष और महिला मसाज कक्ष पूरी तरह अलग-अलग होने चाहिए। स्पा कक्षों के दरवाजों में न तो कुंडी होनी चाहिए और न ही बोल्ट। किसी भी ग्राहक को बिना पहचान पत्र (आईडेंटिटी प्रूफ) के प्रवेश नहीं मिलेगा। हर कर्मचारी के पास मान्यता प्राप्त संस्था का डिप्लोमा या सर्टिफिकेट और पुलिस वेरिफिकेशन होना अनिवार्य है। 18 साल से कम उम्र के किसी भी व्यक्ति को रोजगार नहीं दिया जाएगा। सभी कर्मचारियों को नियोक्ता द्वारा जारी आईडी पहननी होगी। इसके अलावा, हर सेंटर के बाहर नाम, लाइसेंस नंबर और टाइमिंग डिस्प्ले की जाएगी। वहीं, रिसेप्शन पर हिंदी और अंग्रेजी में बोर्ड लगाना अनिवार्य होगा, जिसमें साइट प्लान, कर्मचारियों की योग्यता और हेल्पलाइन नंबर 112 और 181 अंकित होंगे। ये आदेश 3 दिसम्बर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक प्रभावी रहेगा। आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।कमिश्नर ने सभी थानों, एसीपी और डीसीपी को आदेश व्यापक स्तर पर प्रचारित करने के निर्देश दिए हैं जिससे कोई संचालक अज्ञानता का बहाना न बना सके।


