जोधपुर में गर्लफ्रेंड से मिलने आया MD तस्कर पकड़ा गया:1 साल से अंडरग्राउंड था, कार में सवार होकर प्रेमिका के घर जा रहा था

जोधपुर रेंज की साइक्लोनर टीम ने 1 साल से फरार MD ड्रग की तस्करी के किंगपिन को पकड़ा है। वह काले रंग की कार में अपनी गर्लफ्रेंड से मिलने जा रहा था। इसी दौरान पुलिस उसके पीछे लगी और धर दबोचा। पुलिस को तस्कर के जोधपुर आने का इनपुट उसकी गर्लफ्रेंड ने ही दिया था। रेंज आईजी विकास कुमार ने बताया- मारवाड़ इलाके में एमडी तस्करी के किंगपिन दिनेश विश्नोई निवासी पीपाड़ के कोसाणा में विश्नोइयों का बास को गिरफ्तार किया है। तस्कर पर जोधपुर ग्रामीण व पाली जिले में दर्ज मामलों में 1 साल से तलाश थी। उसकी गिरफ्तारी पर रेंज स्तर पर 40 हजार रुपए का इनाम भी घोषित था। उसकी गिरफ्तारी के लिए ‘ऑपरेशन सैंडी’ चलाकर साइक्लोनर टीम को उसकी तलाश में लगाया गया था। 1 साल से अंडरग्राउंड था तस्कर आईजी विकास कुमार ने बताया कि MD और अन्य नशे की तस्करी के दौरान दिनेश ने चार-पांच साल में बहुत पैसा कमाया था। इसके बाद पिछले साल जोधपुर ग्रामीण और पाली इलाके में भारी मात्रा में MD तस्करों पर कार्रवाई के बाद यह अंडरग्राउंड हो गया था। साइक्लोनर टीम से बचने के इरादे से वह गुजरात के मोरबी में जा छुपा। वहीं से दोबारा अपने तस्करी का नेटवर्क चलाने की कोशिश में जुट गया। कई गर्लफ्रेंड थी, चोरी-छिपे मिलने आता था रेंज आईजी विकास कुमार के अनुसार, दिनेश तस्करी की कमाई अय्याशी पर उड़ाने लगा था। इसके लिए उसने कई गर्लफ्रेंड भी बना रखी थी। यहां तक कि उसकी इस लत से बचने के लिए गैंग के साथियों ने भी उसे आगाह किया था। लेकिन, गर्लफ्रेंड से बात करने के लिए वह मोबाइल का उपयोग भी करता रहा। इन्हीं में से एक गर्लफ्रेंड से मिलने के लिए वह चोरी-चुपके जोधपुर भी आता रहता था और यहां वह लड़कियों को लग्जरी गाड़ी में घुमाने और उन्हें महंगे उपहार भी देता था। युवती को साइक्लोनर टीम ने भरोसे में लिया आईजी ने बताया- साइक्लोनर टीम ने दिनेश की एक गर्लफ्रेंड को भरोसे में लिया। उसके आपराधिक धंधों और दूसरी लड़कियों से नजदीकी के बारे में जानकारी दी। युवती को साइक्लोनर टीम के काम के बारे में पता चला तो उसने सहयोग की बात कही। इसके बाद खुद युवती ने खुद ही साइक्लोनर टीम के संपर्क में रहकर दिनेश की पल-पल की गतिविधियों की सूचना साझा करनी शुरू कर दी। दादी के निधन पर आया, युवती से मिलने जा रहा था जनवरी में दिनेश की एक गर्लफ्रेंड ने इसकी लोकेशन विशाखापट्‌टनम बताई। लेकिन, जब तक साइक्लोनर टीम उसे पकड़ पाती, तब तक वह अपनी दादी के निधन पर जोधपुर के लिए रवाना हो चुका था। यहां पहुंचकर वह दादी के क्रियाकर्म से निवृत्त हुआ और फिर से गर्लफ्रेंड से संपर्क किया। युवती की सूचना पर एक लग्जरी गाड़ी में गर्लफ्रेंड के घर की तरफ जा रहे तस्कर दिनेश सारण को साइक्लोनर टीम ने दबोच लिया।

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