जोधपुर में राजस्थान के जोधपुर में निसंतान दंपतियों के चेहरे पर अब मुस्कान लौटने वाली है। संभाग के सबसे बड़े मथुरादास माथुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में टेस्ट ट्यूब बेबी (IVF) सुविधा शुरू होने की उम्मीद जगी है। इसके लिए हॉस्पिटल प्रशासन की ओर से प्रस्ताव प्रदेश सरकार को भेजा गया है। यदि प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है ओर इलाज शुरू होता है तो प्राइवेट हॉस्पिटलों में लाखों रुपये तक का खर्च होने वाला यह इलाज अब सरकारी अस्पताल में मात्र नाममात्र के दामों पर उपलब्ध होगा। इससे गरीब-अमीर सभी दंपतियों को सस्ता और विश्वसनीय ट्रीटमेंट मिलेगा। हॉस्पिटल के अधीक्षक डॉ. विकास राजपुरोहित ने बताया, परिवार हमारी संस्कृति और समाज की सबसे मजबूत कड़ी है। स्वास्थ्य व्यवस्था इसमें अपनी अहम जिम्मेदारी निभाती है। जोधपुर जैसे शहर में निसंतानता की समस्या से कई लोग परेशान है। प्राइवेट जगहों में ऊंचे दामों के कारण हजारों दंपति इलाज से वंचित रह जाते हैं। ऐसे में IVF के लिए आधुनिक उपकरण, लैब और विशेषज्ञ डॉक्टरों की व्यवस्था का पूरा प्रोजेक्ट राज्य सरकार को भेज दिया गया है। यहां IVF शुरू होने से न केवल खर्च कम होगा, बल्कि ऐसे लोगों को राहत भी मिलेगी। बता दें कि जिले में सैकड़ों दंपति निसंतानता से जूझते रहे हैं। ग्रामीण इलाकों से आने वाले गरीब परिवार प्राइवेट हॉस्पिटलों के महंगे पैकेज अफोर्ड नहीं कर पाते। ऐसे में अब इन मरीजों में भी उम्मीद की किरण जागी है। बता दें कि MDM हॉस्पिटल पहले ही कैंसर, हृदय रोग और अन्य विशेष सुविधाओं के लिए जाना जाता है। IVF शुरू होने से यह जोधपुर का सबसे बड़ा फर्टिलिटी सेंटर बन सकता है। क्या है IVF इसे इन विट्रो फर्टिलाइजेशन कहा जाता है। जिसमें टेस्ट ट्यूब में शुक्राणु और अंडे को मिलाकर भ्रूण तैयार किया जाता है, जो बाद में गर्भाशय में प्रत्यारोपित होता है। भारत में सफलता दर 40-50 फीसदी है, लेकिन सरकारी सेटअप में यह और बेहतर हो सकती है।


