भारतीय सेना के अदम्य साहस और शौर्य के प्रतीक 78वें सेना दिवस के अवसर पर जोधपुर में पूर्व सैनिकों और चिकित्सा कर्मियों की सेवाओं को विशेष सम्मान दिया गया है। गुरुवार, 15 जनवरी को सेना दिवस के मौके पर जोधपुर स्थित पूर्व सैनिक अंशदायी स्वास्थ्य योजना (ECHS) पॉलीक्लिनिक में सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस दौरान पॉलीक्लिनिक के प्रभारी अधिकारी (OIC) ग्रुप कैप्टन (से.नि.) राकेश नंदा ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले 10 कर्मचारियों को प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया। इस वर्ष सेना दिवस की थीम ‘आधुनिकीकरण और राष्ट्र प्रथम’ के संकल्प पर केंद्रित रही, जिसे इन कर्मचारियों ने अपनी सेवाओं के जरिए चरितार्थ किया है। कर्तव्यनिष्ठा और सेवाभाव का सम्मान ग्रुप कैप्टन राकेश नंदा ने सम्मानित होने वाले कार्मिकों की कर्तव्यनिष्ठा की सराहना की। उन्होंने कहा कि इन कर्मचारियों ने व्यक्तिगत सुख-सुविधाओं की परवाह किए बिना अथक परिश्रम और लगन से कार्य किया है। उनकी पेशेवर दक्षता और जिम्मेदारी की भावना के कारण ही पॉलीक्लिनिक में कार्य समय पर और शीघ्रता से पूर्ण हुए हैं, जिससे संस्थान का नाम रोशन हुआ है। उन्होंने सभी को ‘विकसित भारत’ के निर्माण में योगदान देने और राष्ट्र प्रथम की भावना बनाए रखने की प्रेरणा दी। इन 10 ‘कर्मवीरों’ को मिला सम्मान समारोह में चिकित्सा और प्रशासनिक कार्यों में बेहतरीन योगदान देने वाले निम्नलिखित 10 कार्मिकों को सम्मानित किया गया: क्यों मनाते हैं सेना दिवस? गौरतलब है कि 15 जनवरी का दिन भारत के इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज है। इसी दिन 1949 में फील्ड मार्शल के.एम. करियप्पा ने अंतिम ब्रिटिश कमांडर-इन-चीफ जनरल फ्रांसिस बुचर से भारतीय सेना की कमान अपने हाथ में ली थी। वह भारतीय सेना के पहले भारतीय कमांडर-इन-चीफ बने थे। यह दिन उन्हीं ऐतिहासिक पलों और सैनिकों के बलिदान को याद करने का अवसर है।


