दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में ठेका दिलाने के लिए 32 लाख रुपए रिश्वत लेने को लेकर मंगलवार को CBI की टीम जोन ऑफिस पहुंची, जहां जोन के अफसरों से करीब एक घंटे तक पूछताछ की। इस दौरान कार्यालय से आरोपी चीफ इंजीनियर विशाल आनंद की पोस्टिंग और ठेका कंपनी से जुड़े दस्तावेज जब्त किए। दरअसल, CBI ने कुछ दिन पहले रेलवे में पदस्थ चीफ इंजीनियर विशाल आनंद और उसके भाई कुणाल आनंद को 32 लाख रुपए रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही ठेका कंपनी के डायरेक्टर सुशील झाझरिया और उसके कर्मचारी मनोज पाठक को भी गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि CBI ने इस केस की जांच शुरू कर दी है। इसी सिलसिले में मंगलवार को CBI की टीम रेलवे जोन आफिस पहुंची, जहां कर प्रिंसिपल चीफ इलेक्ट्रिकल इंजीनियर (PCEE) के कार्यालय में करीब एक घंटे तक जांच की। इस दौरान टीम ने विशाल आनंद की पोस्टिंग के साथ ही झाझरिया निर्माण लिमिटेड कंपनी से जुड़े कई अहम जानकारियां जुटाईं और दस्तावेज जब्त किए। PCEE की भूमिका की जांच
दरअसल, प्रत्येक जोन में प्रिंसिपल चीफ इलेक्ट्रिकल इंजीनियर (PCEE) टेंडर सहित निर्माण कार्य के लिए प्रमुख हैं, जो रेलवे के महाप्रबंधक को रिपोर्ट करता है। ऐसे में CBI के अफसरों ने इस केस में PCEE की भूमिका की भी जांच कर रही है। यही वजह है कि अफसरों ने उनसे पूछताछ की। साथ ही चीफ इंजीनियर से जुड़ी अन्य जानकारियां लेकर दस्तावेज जब्त किए। बताया जा रहा है कि CBI ने रेलवे में चल रहे निर्माण कार्यों के ठेका और उसके आवंटन के नियमों की भी जानकारी जुटाई है। रेलवे बोर्ड करेगा आरोपी अफसर के खिलाफ कार्रवाई
दूसरी तरफ यह भी कहा जा रहा है कि रेलवे के चीफ इंजीनियर की गिरफ्तारी के बाद रेलवे बोर्ड विभागीय कार्रवाई करेगा। यह बात भी सामने आई है कि, CBI ने मामले से जुड़ी प्राथमिक जांच और कार्रवाई रिपोर्ट रेलवे बोर्ड को सौंप दी है। अब इस पर आगे की विभागीय कार्रवाई रेलवे बोर्ड के स्तर पर की जाएगी। चीफ इंजीनियर, कंपनी के डायरेक्टर समेत चार गिरफ्तार
CBI ने इस मामले में अब तक चार लोगों को गिरफ्तार किया है, जिसमें चीफ इंजीनियर विशाल आनंद, उसके भाई कुणाल आनंद के साथ ही झाझरिया निर्माण लिमिटेड कंपनी के डायरेक्टर सुशील झाझरिया, उसके कर्मचारी मनोज पाठक शामिल हैं। CBI ने केस में अन्य आरोपियों को भी नामजद किया है, जिसकी भूमिका की जांच की जा रही है। CBI की ओर से बताया गया कि यह मामला रेलवे निर्माण कार्यों में भ्रष्टाचार और अवैध लेन-देन से जुड़ा है।


