राजधानी में करीब 3.28 लाख लोग ऐसे हैं जाे बार-बार की चेतावनी के बाद भी गैस सिलेंडर के लिए अपना सत्यापन नहीं करवा रहे हैं। ऑइल कंपनियां ऐसे गैस कनेक्शनों को फर्जी मान रही है। कंपनियों के निर्देश पर गैस एजेंसी वालों ने धीर-धीरे इन गैस कनेक्शनों को ब्लॉक करना शुरू कर दिया है।
यानी जो सत्यापन नहीं करवा रहे हैं उनका कनेक्शन बंद किया जा रहा है। ऐसे ग्राहक ऑनलाइन बुकिंग भी नहीं करा पाएंगे। गैस एजेंसी में अब ब्लॉक होने की शिकायत लेकर लोग पहुंचनें लगे हैं। इन सभी से कहा जा रहा है कि पहले वे अपनी केवाईसी कराएं। इसके बाद ही गैस सिलेंडर दिया जाएगा। राज्य में सबसे ज्यादा ग्राहकों की संख्या रायपुर में है। भारत पेट्रोलियम, इंडियन ऑइल और हिंदुस्तान पेट्रोलियम के कुल ग्राहकों की संख्या 11 लाख 435 है। इसमें अभी तक 7 लाख 71 हजार 551 लोगों ने ही केवाईसी कराई है। 3 लाख 28 हजार 884 लोग ऐसे हैं जिन्होंने अपना सत्यापन नहीं कराया है। इसमें सबसे ज्यादा प्रधानमंत्री उज्जवला योजना का फायदा लेने वाले लोग है। इस योजना के तहत जिले में 7 लाख 75 हजार 566 ग्राहक हैं। इसमें से अभी तक 2 लाख 31 हजार 235 लोगों ने सत्यापन नहीं कराया है। अफसरों का दावा है कि इनमें ऐसे लोग भी शामिल हो सकते हैं, जिन्होंने फर्जी दस्तावेजों से कनेक्शन लिया है। इसलिए वे अब सत्यापन कराने नहीं आ रहे हैं। इसलिए ऐसे कनेक्शनों ब्लॉक करना जरूरी हो गया है। गैस-आधार कार्ड ले जाना होगा
लोगों को अपने गैस एजेंसी में आधार और गैस कार्ड लेकर जाना है। एजेंसी वाले उनके फिंगर, आई स्कैन कर एक लेटेस्ट फोटो लेंगे। इसके साथ ही केवाईसी कंप्लीट हो जाएगी। गैस कार्ड जिस उपभोक्ता के नाम पर है उसे ही एजेंसी जाना है।
^ केवाईसी नहीं कराने वाले ग्राहकों के गैस कनेक्शन ब्लॉक होने शुरू हो गए हैं। किसी भी तरह की परेशानी से बचने के लिए लोगों को तुरंत केवाईसी करा लेना चाहिए।
मुरारी गौर, अध्यक्ष बीपीसीएल डिस्ट्रीब्यूटर एसोसिएशन


