पुलिस ने साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष ‘म्यूल अकाउंट ऑपरेशन’ के तहत एक बड़ी सफलता हासिल की है। बुहाना थाना पुलिस ने संगठित तरीके से बैंक खाते किराए पर लेकर साइबर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह देश के विभिन्न राज्यों के लोगों को वर्क-फ्रॉम-होम और ऑनलाइन शॉपिंग के नाम पर ठग रहा था। महज 3 दिन में लाखों का ट्रांजेक्शन, ऐसे खुला राज पुलिस अधीक्षक बृजेश उपाध्याय के निर्देशन में जिले में साइबर ठगों के विरुद्ध अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में बुहाना थानाधिकारी बिमला बुडानिया के नेतृत्व में गठित टीम ने संदिग्ध बैंक खातों की जांच शुरू की। जांच के दौरान मानपुरा निवासी अमन यादव के खाते में संदिग्ध गतिविधियां पाई गईं। जब एनसीआरबी के समन्वय पोर्टल से रिकॉर्ड का मिलान किया गया, तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ। अमन के खाते में मात्र तीन दिनों के भीतर 1,40,875 रुपये और कुल 5,50,000 रुपये का संदिग्ध लेनदेन पाया गया। यह राशि तमिलनाडु, असम, महाराष्ट्र और दिल्ली जैसे राज्यों के पीड़ितों से ठगी गई थी। किराए पर खाते लेकर चलता था संगठित गिरोह पुलिस पूछताछ में आरोपी अमन ने बताया कि उसका बैंक खाता और एटीएम रहिश यादव और योगेश यादव ने किराए पर लिया था। आरोपी रहिश यादव ने कबूल किया कि वह अपने साथियों (योगेश और रणजीत) के साथ मिलकर एक संगठित गिरोह चला रहा है। आरोपी इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप और टेलीग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का सहारा लेते थे। वे लोगों को APK फाइल का लिंक भेजते थे और उन्हें ‘घर बैठे काम’ (Work at Home) या ‘ऑनलाइन शॉपिंग’ के जरिए कमाई का लालच देते थे। जैसे ही पीड़ित लिंक पर क्लिक कर झांसे में आता, आरोपी उनके खातों से सेंधमारी कर रकम उड़ा लेते थे।


