झांसी के सेंट जूड श्राइन में मंगलवार की मध्य रात्रि 12 बजे प्रभु यीशू ने दुनिया को शांति का संदेश देने के लिए जन्म लिया। प्रभु का जन्म होते ही चर्च के घंटे गूंज उठे और प्रभु यीशू के जन्म के गीत गाए जाने लगे। प्रार्थना सभा हुई और केट काटा गया। इसके बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर ‘मैरी क्रिसमिस’ कहते हुए बधाई दी। बुधवार सुबह भी गिरजाघरों में क्रिसमिस की प्रार्थनाएं हुईं।
पहले 5 तस्वीरें देखिए यीशू के शिशु रूप को चरनी में रखा महानगर के इलाहाबाद बैंक चौराहे के पास बने प्रसिद्ध सेंट जूड श्राइन में क्रिसमिस को लेकर कई दिनों से तैयारी चल रही थी। इसके मौके पर गिरजाघर को रंग बिरंगी रोशनी से सजाया गया था। यहां रविवार रात 10 बजे से प्रार्थना सभा शुरू हो गई। इस दौरान फादर की अगुआई में पूजा हुई और 12 बजते ही प्रभु यीशू ने जन्म लिया। इसके बाद प्रभु यीशू के शिशु रूप को चरनी में रखा गया। मानव जाति के उद्धार के लिए प्रभु ने लिया जन्म फादर ने कहा कि प्रभु यीशू ने मानव जाति के उद्धार के लिए जन्म लिया है। हमें कभी किसी से द्वेष भावना नहीं रखना चाहिए। सबको माफ करके हमें गरीबों और लाचारों की मदद करना चाहिए। इस मौके पर मसीहियों ने प्रभु यीशू के जन्म के गीत गाए। अंत में सभी श्रद्धालुओं ने प्रभु यीशू के शिशु के रूप में दर्शन किए। इसके बाद केक काटा गया। इस अवसर पर फादर सिलबस, फादर डेनिस, फादर वलेरियन मौजूद रहे। इसके बाद बुधवार सुबह क्रिसमिस की प्रार्थना हुई।


