झाबुआ के थांदला में हुआ ‘सिलसिला’ कार्यक्रम:झाबुआ के रचनाकारों का भारतीय संस्कृति विकास में योगदान बताया

झाबुआ जिले के थांदला स्थित त्यागी भवन में शनिवार दोपहर ‘सिलसिला’ कार्यक्रम का आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम मध्यप्रदेश उर्दू अकादमी, मध्यप्रदेश संस्कृति परिषद और संस्कृति विभाग के सहयोग से जिला अदब गोशा झाबुआ एवं अलीराजपुर ने आयोजित किया। कार्यक्रम में साहित्यकारों ने भारतीय संस्कृति और स्थानीय साहित्यिक विरासत के बीच के संबंधों को उजागर किया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता यशवंत भंडारी ‘यश’ ने ‘भारतीय साहित्य और संस्कृति के विकास में झाबुआ के साहित्यकारों का योगदान’ पर व्याख्यान दिया। उन्होंने बताया कि झाबुआ के रचनाकारों ने अपनी लेखनी से स्थानीय परंपराओं को संरक्षित करने के साथ भारतीय संस्कृति को भी समृद्ध किया है। रचना वाचन सत्र में प्रतिभाओं ने दिखाई कला व्याख्यान के बाद रचना वाचन सत्र हुआ। इसमें डॉ. वाहिद फराज, अफरोज मकरानी, इरफान अलीराजपुरी, सिराज तन्हा और शादाब आफरीदी ने अपनी रचनाएं प्रस्तुत कीं। इसके अलावा अनिल श्रीवास्तव, पी.डी. रायपुरिया, फीरोज सागर, सुरेश समीर, आशीष नागर, निसार पठान, जगदीश राघव, नवीन गौड़, आसिफ खान, दीपक कटकानी और अतीक हुसैन कुरैशी ने भी विभिन्न विधाओं में रचनाएं प्रस्तुत कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया। नए रचनाकारों को मंच प्रदान करने का प्रयास इस आयोजन के सफल संचालन में जिला समन्वयक सरफराज भारतीय की भूमिका महत्वपूर्ण रही। कार्यक्रम में निर्देशक डॉ. नुसरत मेंहदी सहित बड़ी संख्या में साहित्य प्रेमी उपस्थित थे। वक्ताओं ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम नए रचनाकारों को मंच देने और उर्दू व हिंदी की साझा संस्कृति को बढ़ावा देने में मदद करते हैं।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *