झाबुआ में सामाजिक महासंघ जिला इकाई ने ‘संस्कारों की पाठशाला’ के आयोजन के लिए स्कूली बच्चों को पत्रक वितरित किए। सोमवार को बच्चों को इस पाठशाला में शामिल होने का निमंत्रण दिया गया। नगर के प्रबुद्ध जनों से भी भेंट कर आयोजन को सफल बनाने की अपील की गई है। नई पीढ़ी को संस्कारों से जोड़ने का उद्देश्य महासंघ के जिलाध्यक्ष डॉ. नीरजसिंह राठौर और हरिश शाह ‘लालाभाई’ ने बताया कि इस पांचवीं पाठशाला का उद्देश्य नई पीढ़ी को संस्कृति, राष्ट्रवाद और सनातन संस्कारों से जोड़ना है। यह पाठशाला 30 दिसंबर से पैलेस गार्डन में शुरू होगी और छह दिनों तक चलेगी। इसमें बच्चों को प्रतिदिन सुबह 8:30 से 9:40 बजे तक ज्ञान और मनोरंजन का संगम मिलेगा। स्कूलों में चला संपर्क अभियान महासंघ के वरिष्ठ सदस्य राधेश्याम परमार ‘दादुभाई’, आशीष चतुर्वेदी और ओम भदौरिया ने शहर के लगभग 15 शासकीय और निजी स्कूलों में शनिवार से पत्रक वितरण शुरू किया था, जो सोमवार तक जारी रहा। इस दौरान उन्होंने स्कूली बच्चों को पाठशाला में शामिल होने के लिए प्रेरित किया। कोटा (राजस्थान) के वरिष्ठ शिक्षाविद् अशोक व्यास ने शिक्षा के साथ संस्कारों के महत्व पर जोर दिया है। इस पाठशाला में बच्चों को किताबी ज्ञान के अतिरिक्त जीवन की व्यावहारिक शिक्षा भी प्रदान की जाएगी। जिले के विशेषज्ञ बच्चों को देश-दुनिया की रोचक जानकारी, योग और पारिवारिक संस्कारों का ज्ञान देंगे। अंतिम दिन सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजन स्थल पर बच्चों के लिए झूले, चकरी और अन्य खेलकूद की व्यवस्था की गई है, ताकि वे खेल-खेल में सीख सकें। प्रतिदिन बच्चों को पौष्टिक अल्पाहार भी उपलब्ध कराया जाएगा। शिविर के अंतिम दिन, 4 जनवरी को एक सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। महासंघ के विनोदकुमार जायसवाल ने बताया कि पैलेस गार्डन में सुंदर मंच और बैठने की उचित व्यवस्था की गई है। महासंघ ने शहर के सभी अभिभावकों, युवाओं और धर्मप्रेमी जनता से अपील की है कि वे अपने बच्चों के साथ इस आयोजन में शामिल होकर इसे सफल बनाएं।


