झाबुआ के मिंडल में बुधवार रात हुए सड़क हादसे में स्कूटी सवार दो युवकों, रूद्र मेडा और नयन उर्फ यश परमार, की मौत के मामले में परिजनों ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से जांच की मांग की है। शुक्रवार को परिजनों ने पुलिस प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर घटना की निष्पक्ष जांच की अपील की। मृतकों के परिजन बड़ी संख्या में एकत्रित होकर एसडीओपी रूपरेखा यादव से मिले। उन्होंने कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक के नाम भी ज्ञापन सौंपा। परिजनों ने स्पष्ट किया कि उन्हें इस मामले में निष्पक्ष जांच चाहिए, क्योंकि घटना की परिस्थितियां संदिग्ध लग रही हैं। ज्ञापन में बताया गया कि यह दुर्घटना ग्राम मिंडल स्थित कलाल धर्मशाला के मेन गेट के सामने 26 नवंबर 2025 बुधवार रात लगभग 10:30 से 11:00 बजे के बीच हुई थी। एक मारुति सुजुकी ब्रेजा (रजिस्ट्रेशन क्रमांक MP09WC-6428) के चालक ने तेज रफ्तार और लापरवाही से स्कूटी को सामने से टक्कर मार दी। इस टक्कर के कारण रूद्र मेडा की मौके पर ही मृत्यु हो गई। वहीं, नयन उर्फ यश परमार गंभीर रूप से घायल अवस्था में दुर्घटनास्थल से थोड़ी दूरी पर खड़े एक ट्राले (रजिस्ट्रेशन क्रमांक MP09HH8869) के अंदर मिला। उस समय उसकी सांसें चल रही थीं और ट्राले में खून के निशान भी पाए गए। परिजनों ने नयन परमार के चोटिल अवस्था में ट्राले के अंदर मिलने को संदिग्ध बताया है। उनका कहना है कि यह परिस्थितियां किसी साजिश की ओर इशारा करती हैं। उन्होंने यह भी बताया कि घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों से घटना की कोई रिकॉर्डिंग नहीं मिली। साथ ही, पुलिस प्रशासन द्वारा लगाए गए कैमरे भी मौके पर बंद पाए गए। इन सभी स्थितियों को देखते हुए परिजनों ने आशंका जताई है कि दुर्घटना के पीछे कोई षड्यंत्र हो सकता है। परिजनों ने पुलिस प्रशासन से इस पूरे मामले की निष्पक्षता पूर्वक जांच कराने और सच्चाई सामने लाने की मांग की है।


