श्री हरिहर आश्रम एवं श्री कृष्ण कामधेनु गौशाला परिवार झाबुआ की ओर से 23 जनवरी (बसंत पंचमी) को 11 कन्याओं का निःशुल्क सामूहिक विवाह सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। यह आयोजन 19 से 25 जनवरी तक चलने वाले श्री शिवशक्ति महायज्ञ के मध्य संपन्न होगा। इसका उद्देश्य सनातन धर्म की सेवा और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देना है। आयोजन की तैयारियों को लेकर गौशाला परिसर में गुरुवार को एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। इसमें कैबिनेट मंत्री निर्मला भूरिया मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। उन्होंने नवनिर्मित शेड का लोकार्पण किया और आयोजन की सराहना की। इस अवसर पर सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता अंशुल बैरागी ने कहा कि यह सामूहिक विवाह समाज में समरसता का श्रेष्ठ उदाहरण प्रस्तुत करेगा। गौशाला के ट्रस्टी हरिओम पाटीदार भी मौजूद रहे। वधू पक्ष को वैवाहिक सामग्री भी भेंट की गई। शादी के अनावश्यक खर्चों पर चर्चा आयोजन के प्रेरणा स्रोत आचार्य डॉ. देवेन्द्र जी शास्त्री (धारियाखेड़ी) ने पत्रकारों से बातचीत में वर्तमान सामाजिक कुरीतियों पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि जिस तरह जूते-चप्पल और वाहन एक निश्चित स्थान पर रखे जाते हैं, वैसे ही घर में मोबाइल रखने का भी एक नियत स्थान होना चाहिए ताकि पारिवारिक संवाद बना रहे। उन्होंने विवाह में होने वाले अनावश्यक खर्चों, डीजे संगीत और ‘लिव-इन’ जैसी प्रवृत्तियों को लेकर भी अपनी बात रखी। इस सम्मेलन में इंदौर, उज्जैन, बनी, जामली, रामनगर, बखतगढ़, बिजोरी, बड़ोदिया, बड़वानी और राजस्थान के चौमहला सहित विभिन्न क्षेत्रों के जोड़े परिणय सूत्र में बंधेंगे। दानदाताओं ने किया सहयोग इस पुनीत कार्य में समाज के दानदाताओं ने बढ़-चढ़कर सहयोग किया है। इनमें कन्यादान मनोरथी नारायण गोवर्धनलाल जाट ढोलाना, गौशाला गोपालजी विवाह मनोरथी सुनील शिवनारायण गेहलोत चौमहला, गंगाजल उद्यापन मनोरथी मदनलाल दयाराम पाटीदार सागवा और गौ-वृषोत्सव मनोरथी बंशीलाल छोगमल काबरा मंदसौर शामिल हैं। मंगलसूत्र दानदाता जितेन्द्र रमेशचन्द्र पाटीदार बनी-इंदौर रहेंगे। आयोजन समिति में श्री हरिहर निःशुल्क सामूहिक विवाह सम्मेलन समिति एवं गौशाला परिवार के साथ मुख्य रूप से बगदीराम पाटीदार और मुकेश पाटीदार शामिल हैं। महायज्ञ की मुख्य व्यवस्था में प्रधान यजमान रमेशचन्द्र भटेवरा (रायपुरिया) और सह यजमान अशोक भटेवरा (बरवेट) होंगे। यज्ञाचार्य पं. रविन्द्र भट्ट, समन्वयक पं. दशरथ व्यास और सह-समन्वयक पं. अखिलेश पुरोहित रहेंगे। अंत में हरिराम पाटीदार मारसाब ने आभार व्यक्त किया।


