मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने झारखंड की मतदाता सूची की प्रशंसा की है। सोमवार को नई दिल्ली के एक सम्मेलन में उन्होंने कहा कि झारखंड की मतदाता सूची के विरुद्ध एक भी अपील दायर नहीं है। यह झारखंड की एक सराहनीय उपलब्धि है। मुख्य चुनाव आयुक्त ने नई दिल्ली स्थित भारत अंतर्राष्ट्रीय लोकतंत्र एवं निर्वाचन प्रबंधन संस्थान (आईआईआईडीईएम) में झारखंड के बीएलओ, बीएलओ पर्यवेक्षकों, निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (ईआरओ), जिला निर्वाचन अधिकारियों और बूथ जागरूकता समूह/ बूथ स्तरीय स्वयंसेवकों के लिए आयोजित दो-दिवसीय क्षमता-निर्माण प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन किया। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि विभिन्न राज्यों के भ्रमण के क्रम में वहां के जमीनी स्तर पर कार्य कर रहे कर्मियों की कार्यशैली को देखने का अवसर मिला। इससे प्रभावित होकर एक पहल किया गया है, जिसके अंतर्गत देश के विभिन्न राज्यों के बीएलओ को दिल्ली बुलाकर ट्रेनिंग दिया जा रहा है। इस अवसर पर इंडिया इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डेमोक्रेसी एंड इलेक्शन मैनेजमेंट के महानिदेशक राकेश कुमार वर्मा, वरीय उप निर्वाचन आयुक्त मनीष गर्ग, उप निर्वाचन आयुक्त अजीत कुमार, उप निर्वाचन आयुक्त संजय कुमार, मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी झारखंड के. रवि कुमार सहित झारखंड के निर्वाचन से संबंधित विभिन्न स्टेकहोल्डर उपस्थित रहे। बोकारो की कांग्रेस विधायक श्वेता सिंह के दो पैन कार्ड के बारे में जिला उपायुक्त द्वारा भेजे गई रिपोर्ट के बारे में पूछने पर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने कहा कि वे दिल्ली से लौटते ही इस विषय पर निर्णय लेंगे। कहा कि इस विषय में उन्हें जानकारी मिली है कि बोकारो डीसी ने एक रिपोर्ट भेजी है। दिल्ली से लौटने के बाद अध्ययन कर आगे के बारे में तय किया जाएगा। झारखंड के बीएलओ दीदियों की जानकारियां प्रभावशाली मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि झारखंड भ्रमण के दौरान दशम जलप्रपात की बीएलओ दीदियों से मिलने का मौका प्राप्त हुआ। निर्वाचन से संबंधित अपने विषयों की उनकी जानकारी प्रभावशाली है। उन्होंने झारखंड में निर्वाचन से संबंधित सभी स्टेकहोल्डर्स के कार्यों की सराहना की साथ ही कहा कि हमें सभी मतदाताओं को शिक्षित करना है कि यदि मतदाता सूची से वह किसी प्रकार से असहमत हैं, तो वह अपील कर सकते हैं। _photocaption_बोलते मुख्य चुनाव आयुक्त।*photocaption*


