विधानसभा चुनाव के बाद झारखंड की राजनीति का रंग बदल गया है। जिस तरह से सत्ता पर हरा रंग चढ़ा, उसी तरह नेता भी खुद को हरे रंग में रंगने लगे हैं। यही कारण है कि चुनाव परिणाम आने के बाद सबसे अधिक दूसरे दलों के नेताओं ने झामुमो का दामन थामा है। यह सिलसिला अभी भी जारी है। झामुमो नेता अब तक दूसरे दलों के करीब 50 हजार नेता-कार्यकर्ताओं के पार्टी में शामिल होने का दावा कर रहे हैं। भाजपा के कुणाल षाड़ंगी, गणेश महाली, लुईस मरांडी व लक्ष्मण टुडू विधानसभा चुनाव के दौरान झामुमो में शामिल हुए। बाद में भाजपा के ही बारी मुर्मू, बास्को बेसरा झामुमो में शामिल हो गए। झामुमो का सदस्यता अभियान 28 फरवरी तक चलेगा। इस दौरान दूसरे दलों के नेता झामुमो का दामन थाम रहे हैं। इसी माह आदित्यपुर में कांग्रेस नेता लालबाबू सरदार अपने समर्थकों के साथ झामुमो में शामिल हो गए। गजिया बराज में आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन में प्रदीप बारिक, राजू सरदार, बिरजू पति, नटवरलाल करूवा, परितोष मंडल, सपन प्रधान, प्रदीप मुखी, अमित महाकुड़, भोला सरकार, आलोक कैवर्तो, बबलू सरदार, छापू सरदार, रासू सरदार, अन्नू सरदार, विजय प्रसाद, सुमित कुमार आदि शामिल हुए। ठेठईटांगर प्रखंड के मेरोमडेगा में बीते शुक्रवार को झामुमो ने सदस्यता अभियान चलाया। जिसमें बड़ी संख्या में विभिन्न पार्टियों के कार्यकर्ता व ग्रामीणों ने झामुमो की सदस्यता ली। इन सभी का झामुमो नेताओं ने स्वागत किया। साथ ही, उपस्थित लोगों ने भी पार्टी की मजबूती और विकास कार्यों में हर संभव सहयोग करने की बात कही। सरायकेला में आयोजित विधानसभा स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन सह सदस्यता अभियान में भी बड़ी संख्या में विभिन्न दलों के कार्यकर्ताओं ने झामुमो की सदस्यता ग्रहण की। झारखंड मजदूर संघर्ष संघ के केंद्रीय अध्यक्ष रामा पांडेय रविवार को गुवा में अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ झामुमो में शामिल हुए। धनबाद के एक कार्यक्रम में सुनैना किन्नर ने झामुमो का दामन थामा। विस चुनाव के बाद आजसू में भी लौटे उसके 4 पुराने पार्टी नेता झारखंड विधानसभा चुनाव के बाद आजसू में उसके पुराने नेता लौट रहे हैं। इनमें प्रवीण प्रभाकर और दीपक महतो प्रमुख हैं। प्रवीण तो आंदोलनकारी रहे हैं। ये आजसू के संस्थापक सदस्यों में से हैं। बाद में प्रवीण भाजपा में चले गए थे। आजसू में शामिल होने वालों में एक प्रमुख नाम संजय मेहता का है। संजय बीते लोकसभा चुनाव में हजारीबाग से चुनाव लड़े थे। कुमुद वर्मा भी आजसू में शामिल हुए हैं। इन सबके अलावा कई युवाओं ने भी आजसू की सदस्यता ली है।


