झारखंड के लिए मुसीबत बना गैंगस्टर अमन साव:4 साल में 10 जेल में ट्रांसफर, 8 जिले में गिरोह एक्टिव, घटनाओं को दे रहे अंजाम

लॉरेंस बिश्नोई गैंग के साथ काम करने वाला झारखंड का कुख्यात अमन साव राज्य के पुलिस और कारोबारियों दोनों के लिए मुसीबत बना हुआ है। पुलिस जिस रफ्तार से घटनाओं का खुलासा कर रही है उतनी ही रफ्तार से अमन का गैंग घटनाओं को अंजाम भी दे रहा है। शुक्रवार को राजधानी में दिन-दहाड़े एक कोयला कारोबारी को गोली मारी और फरार हो गए। चाहे हत्या हो या फिर पैसे के लिए धमकी देना, सूत्र बताते हैं कि ये सारे काम जेल में बंद अमन साव के निर्देश पर उसके गुर्गे कर रहे हैं। अमन साव का बीते 4 साल में 10 अलग-अलग जेलों में ट्रांसफर किया जा चुका है। फिलहाल वह छत्तीसगढ़ के रायपुर जेल में बंद है। इसके बाद बाद भी उसका गैंग सक्रिय है। राज्य के 8 जिलों में गिरोह एक्टिव है। 8 जिलों में 50 से अधिक मामले हैं दर्ज अमन साव पर 50 से अधिक मामले रांची सहित राज्य के अगल-अलग थानों में दर्ज हैं। अमन साव का गिरोह रांची के अलावा रामगढ़, चतरा, धनबाद, हजारीबाग, पलामू, लातेहार और बोकारो में रंगदारी मांगने के लिए सक्रिय है। गिरोह कोल माइनिंग कंपनियों, कोयला व्यवसायी और ट्रांसपोर्टर, बिल्डर, ठेकेदार और कारोबारियों को रंगदारी के लिए टारगेट कर रहा है। अगर इन्हें रंगदारी नहीं मिलती है तो गिरोह के गुर्गे या तो उन कारोबारियों के दफ्तर पर फायरिंग कर धमका रहे हैं या फिर उन्हें ही गोली मार रहे हैं। पिछले छह माह में रंगदारी मांगने व गोली चलाने के आधा दर्जन से अधिक मामले सामने आ चुके हैं। अमन गिरोह के खौफ से कई कारोबारियों ने अब घर से निकलना भी कम कर दिया है। उन्हें डर लगा रहता है कि कहीं उन पर कोई रंगदारी नहीं देने को लेकर फायरिंग ना कर दे। सोशल मीडिया पर मयंक सिंह करता है पोस्ट कुख्यात अमन साव का खास गुर्गा मयंक सिंह है। जो हर घटना को अंजाम देने के बाद घटना की जिम्मेदारी तो लेता ही है, पोस्ट पर धमकी भी देता है कि इस बार तो तुम बच गए, अगली बार नहीं बचोगे। इधर, पुलिस मयंक सिंह को बताती है कि वही सुनील सिंह मीणा है, जिसे अजरबैजान पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। फिलहाल वह अजरबैजान की राजधानी बाकू के जेल में बंद है। उसे प्रत्यर्पण कर भारत लाने के लिए कोशिश की जा रही है। भुरकुंडा-बरकाकाना साइडिंग की कंपनियों को फिर दी धमकी अमन साव गैंग के मयंक सिंह ने एक बार फिर शनिवार को सोशल मीडिया में पोस्ट जारी कर कोयला कंपनियों व वहां काम करने वाले मजदूरों को धमकी दी है। मयंक सिंह ने धमकी भरे पोस्ट में कोयला साइडिंग पर लोडिंग बंद करने की चेतावनी देते हुए कहा है कि पतरातू, भुरकुंडा और बरकाकाना साइडिंग में लोडिंग का काम बंद रखें नहीं तो खोपड़ी खोल दी जाएगी। यह धमकी कंपनी व वहां काम कर रहे मजदूरों के अलावा कर्मी व अधिकारियों को दी गई है। लॉरेंस बिश्नोई से भी है अमन साव के संबंध अमन साव लेवी और रंगदारी वसूली के लिए कुख्यात है। उसके गिरोह के कई सदस्य कोयला कारोबारियों, बिल्डरों, ट्रांसपोर्टरों और कारोबारियों से रंगदारी वसूल रहा है। अमन खुद भी खुलासा कर चुका है कि उसका लॉरेंस बिश्नोई से संबंध है। सोशल मीडिया पर अक्सर बातें होती हैं। उसका संबंध लॉरेंस के छोटे भाई अनमोल बिश्नोई के साथ भी है। अब एनआईए यह जांच कर रही है कि क्या अमन साहू गिरोह बिश्नोई गिरोह को हथियार के साथ शूटर भी उपलब्ध करा रहा है। बताया जाता है कि अमन साहू के नाम पर कॉल करने वाला मयंक सिंह ही अमन और लॉरेंस के बीच की कड़ी है। —————————————- अमन साव से जुड़ी इस खबर को पढ़ें…. गैंगस्टर अमन साहू ; 30 माह में 9वां जेल बदला:गिरिडीह से चाईबासा जेल शिफ्ट, जेल अधीक्षक को दी थी मर्डर की धमकी झारखंड पुलिस गैंगस्टर अमन साहू पर प्रतिबंध लगाने में असफल साबित हो रही है। अमन साहू बीते ढ़ाई साल से पुलिस की गिरफ्त में है, इसके बाद भी वह अपनी एक्टिविटी जेल से संचालित कर रहा है। यही वजह है कि पुलिस उसे बार-बार राज्य के अलग-अलग जेलों में ट्रांसफर कर रही है। गैंगस्टर अमन साहू को बीते ढ़ाई साल में नौ बार अलग-अलग जेलों में रखा गया है। इस बार एक बार फिर उसका ट्रांसफर गिरिडीह से चाईबासा जेल किया गया है। पूरी खबर यहां पढ़ें…

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