झारखंड-बिहार की सीमा पर विशाल ने नक्सलियों को दी थी ड्रोन उड़ाने की ट्रेनिंग, 10 दिन यहां रहा था

नक्सली विशाल सिंह उर्फ सूरज ने झारखंड-बिहार की सीमा पर स्थित छकरबंधा और पचरुखिया जंगल में नक्सलियों को ड्रोन उड़ाने और इसके इस्तेमाल की ट्रेनिंग दी थी। ताकि वह ड्रोन से पुलिस की गतिविधियों पर नजर रख सके। इसके लिए वह 10 दिन तक इस इलाके में रहा था। उसने संगठन के वरिष्ठ नेता प्रमोद मिश्रा उर्फ सोहन और बिहार-झारखंड स्पेशल एरिया कमेटी के सेंट्रल कमेटी सदस्य संदीप यादव उर्फ रूपेश के साथ कई गोपनीय बैठक भी की थी। यह खुलासा राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की चार्जशीट से हुआ है। एनआईए ने शनिवार को लखनऊ में यह चार्जशीट दायर की है। चार्जशीट में कहा गया है कि विशाल सिंह का काम सिर्फ तकनीकी मदद तक ही सीमित नहीं थी। वह संगठन को हथियार, ट्रेनिंग और खुफिया जानकारी मुहैया कराने में भी सक्रिय था। जांच एजेंसी ने इस मामले में अब तक दो नक्सलियों के खिलाफ कार्रवाई की है। कई आरोपी अभी फरार हैं। एनआईए ने साफ किया है कि जांच अभी जारी है। जल्दी ही और बड़े खुलासे हो सकते हैं। संगठन को मजबूत बनाने की खतरनाक साजिश का हिस्सा था एनआईए ने चार्जशीट में कहा है कि विशाल सीपीआई (माओवादी) को उत्तर भारत में फिर से खड़ा करने की खतरनाक साजिश में जुटा हुआ था। वह उत्तर भारत के सात राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और चंडीगढ़ में माओवादी संगठन की कमजोर होती पकड़ को दोबारा मजबूत करने में लगा हुआ था। इसमें उसे बिहार व झारखंड के सेंट्रल कमेटी सदस्यों की मदद मिल रही थी। उसके विरुद्ध एनआईए ने देशद्रोह की धारा 121ए के साथ-साथ गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम कानून (यूएपीए) की धारा 18, 20, 38 और 39 लगाई है। इससे पहले एनआईए ने इस मामले में एक अन्य माओवादी अजय सिंघल उर्फ अमन के विरुद्ध चार्जशीट दाखिल की थी।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *