झारखंड में शुक्रवार से ठंड लोगों को ज्यादा परेशान कर सकती है। बर्फीली हवा के चलने से लोगों को ठिठुरन महसूस होगी। मौसम केंद्र रांची ने आसमान साफ होने और न्यूनतम तापमान में गिरावट की संभावना जताई है। वहीं, आज कई क्षेत्रों में शीतलहर चलने की संभावना बनी हुई है। इस दौरान रांची का न्यूनतम तापमान भी आठ डिग्री के नीचे जाने की संभावना है। मौसम विभाग ने 5 और 6 दिसंबर को शीत लहर का यलो अलर्ट जारी किया है। इस दिन पलामू, गढ़वा, चतरा, गुमला, लातेहार, लोहरदगा, सिमडेगा, खूंटी, रांची, बोकारो और रामगढ़ जिलों में कहीं-कहीं शीत लहर चलने की संभावना बनी हुई है। न्यूनतम तापमान में 2-3 डिग्री सेल्सियस की हो सकती है गिरावट मौसम विभाग के अनुसार, राज्य में अगले तीन दिनों के दौरान न्यूनतम तापमान में धीरे-धीरे (2-3) डिग्री सेल्सियस की गिरावट हो सकती है। इसके अगले दो दिनों में इसमें (2-3) डिग्री सेल्सियस की वृद्धि होने की संभावना है। सर्वाधिक ठंडा रहा गुमला पिछले 24 घंटे में राज्य में मौसम शुष्क रहा। सबसे अधिक अधिकतम तापमान 29.4 डिग्री चाईबासा में जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 05.9 डिग्री सेल्सियस गुमला में दर्ज किया गया। चार जिलों का न्यूनतम तापमान हुआ 10 डिग्री से भी कम इधर, पिछले 24 घंटे में 5 जिलों का न्यूनतम तापमान 11 डिग्री सेल्सियस से कम रिकॉर्ड किया गया। इन जिलों में रांची, खूंटी, डाल्टेनगंज, बोकारो-थर्मल और गुमला शामिल है। रांची का न्यूनतम तापमान 10.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, डाल्टेनगंज, बोकारो-थर्मल, खूंटी और गुमला में तो न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से भी कम रिकॉर्ड किया गया।
गर्म कपड़े पहन कर ही ठंड में बाहर निकलें झारखंड में मौसम में हो रहे उतार चढ़ाव और ठंड को देखते हुए नेशनल हेल्थ मिशन की ओर से एडवाइजरी जारी की गई है। इसमें कहा गया है कि गर्म कपड़े पहनकर ही घर से बाहर निकले। पर्याप्त भोजन करके ही घर से निकले। शीत लहर के समय फ्लू चलना, सर्दी-खांसी, जुकाम के लक्षण हो जाने पर स्थानीय स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं या चिकित्सक से संपर्क करें। नियमित रूप से गर्म पानी का सेवन करें। ठंड से बेहोशी की स्थिति होने या जबान लड़खड़ाने पर बिना देर किए डॉक्टर से संपर्क करें।
विदेशी मेहमानों से गुलजार हुआ खंडोली डैम इधर, सर्दी की शुरुआत होते ही राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शुमार गिरिडीह स्थित खंडोली डैम विदेशी मेहमान पक्षियों से गुलजार होने लगा है। यहां साइबेरियन डक का आगमन शुरू हो गया है। वैसे तो खंडोली अपनी सुंदरता के लिए जाना जाता है, लेकिन सर्दियों में इसकी असली पहचान बनते हैं। ये प्रवासी मेहमान, जो हर वर्ष साइबेरिया की अत्यधिक ठंड से बचने के लिए भारत की ओर प्रवास करते हैं। लगभग 4 हजार दूर की यात्रा कर ये साइबेरियन डक खंडोली में मुख्य रूप से दिसंबर से फरवरी तक ठहरते हैं। जैसे ही मौसम गर्म होने लगता है और साइबेरियामें बर्फ पिघलनी शुरू होती है, ये मेहमान अपने वतन को लौट जाते हैं।


