झारखंड में गरीबों की थाली से दाल, नमक और चीनी गायब है। प्याज के साथ भात खाकर गुजारा कर रहे हैं। राशन कार्डधारकों को गेहूं-चावल तो समय पर मिल रहा है, लेकिन अन्य सामग्री का वितरण नहीं हो रहा है। निदेशक खाद्य दिलीप तिर्की ने कहा कि अभी जून का दाल वितरित किया जा रहा है। जबकि मार्च का नमक और आठ महीने पहले का चीनी ही कार्डधारकों को मिला है। फेयर प्राइज शॉप डीलर्स एसोसिएशन के रांची जिला अध्यक्ष ज्ञानदेव झा ने कहा कि पीडीएस दुकानों में दाल की सप्लाई नियमित रूप से नहीं हो रही है। इसीलिए दाल का वितरण कुछ महीनों को छोड़कर किया जा रहा है। हालांकि यह छह माह से बकाया है। उधर, राज्य खाद्य एवं असैनिक आपूर्ति निगम ने चीनी की खरीदारी के लिए टेंडर निकाला है। यह टेंडर आठ सितंबर को खुलेगी। इसके बाद चीनी खरीद की प्रक्रिया शुरू होगी।
टेंडर में देरी से अटका नमक : सूत्रों के अनुसार टेंडर में विलंब से समय पर नमक की आपूर्ति आैर फिर वितरण नहीं हो पाया है। टेंडर की प्रक्रिया को तेज करने का प्रयास किया जा रहा है। टेंडर की प्रक्रिया तेज होगी तब नमक की आपूर्ति भी नियमित रूप से होने लगेगी केंद्र सरकार से अनुदानित दर पर नहीं मिल रहा चना, इसलिए तैयार नहीं हो पा रही दाल विभागीय अधिकारियों ने बताया कि राज्य सरकार ने केंद्र से अनुदानित दर पर चने की मांग की थी। लेकिन केंद्र से चना नहीं मिला। इससे दाल तैयार नहीं हो सका। ऐसे में दाल का नियमित रूप से वितरण नहीं हो पा रहा है। अगले कुछ महीने तक इसमें सुधार की भी कोई गुंजाइश नहीं है। गौरतलब है कि राज्य सरकार हर राशन कार्डधारकों को हर महीने एक राशन कार्ड पर एक किलो दाल देती है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के तहत राज्य में कुल राशन कार्डधारकों की संख्या 3,39,636 है। इसमें कुल 2,61,06,579 लाभुक हैं। इसके अलावा ग्रीन राशन कार्डधारकों को भी एक किलो चना दाल राज्य सरकार की आेर से मुफ्त दिया जाता है। ग्रीन राशन कार्डधारकों की संख्या 8,14,766 है। इसमें कुल 24,98,521 सदस्य हैं। चीनी का वितरण सिर्फ अंत्योदय योजना(एएवाई) को किया जाता है। जिनके परिवारों की कुल संख्या 8,84,869 है। केंद्र सरकार से लेंगे मदद, जल्दी ही इसका प्रस्ताव भेजा जाएगा यह चान्हो के एक परिवार की तस्वीर है। इनकी थाली में चावल और प्याज तो है, लेकिन दाल गायब है। महिला का कहना है कि राशन तो हर महीने मिल जाता है, लेकिन दाल कभी-कभी ही मिल पाती है।


