झारखंड में आठ साल के लंबे इंतजार के बाद आखिरकार नगर निकाय चुनाव की डुगडुगी बज गई। राज्य चुनाव आयुक्त अलका तिवारी ने मंगलवार को चुनाव की घोषणा की। चुनाव एक चरण में होंगे। सभी 48 नगर निकायों में 23 फरवरी को सुबह सात बजे से शाम पांच बजे तक मतदान होगा। मतगणना 27 फरवरी को सुबह आठ बजे शुरू होगी। होली से पहले नगर निकाय के प्रत्यक्ष चुनाव की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। 48 नगर निकायों में नौ नगर निगम, 20 नगर परिषद और 19 नगर पंचायत शामिल हैं। नगर निगम में डिप्टी मेयर और नगर परिषद व नगर पंचायतों में उपाध्यक्षों का चुनाव परोक्ष रूप से होगा। ये पद अनारक्षित हैं। इन्हें विजयी वार्ड पार्षद चुनेंगे। हालांकि इनके चुनाव की कोई निश्चित तिथि की घोषणा नहीं की गई है। लेकिन चुनाव आयुक्त ने कहा कि 30 मार्च से पहले यह चुनाव संपन्न करा लिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि आयोग ने शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से चुनाव कराने की पूरी तैयारी कर ली है। चुनाव की घोषणा के साथ ही निकाय क्षेत्रों में आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू हो गई है। आचार संहिता सिर्फ निकाय क्षेत्रों में लागू होगी, पंचायत क्षेत्रों में नहीं। इस दौरान कोई नई नियुक्ति नहीं होगी, ट्रांसफर-पोस्टिंग नहीं होगी और कोई नया टेंडर जारी नहीं होगा। चुनाव में बैलेट पेपर के जरिए वोट डाले जाएंगे। इसमें नोटा का कोई प्रावधान नहीं है। दलीय आधार पर यह चुनाव नहीं होगा। इससे पहले राज्य में 2018 में अंतिम बार नगर निकायों का चुनाव हुआ था। निगम को बांटने को चुनौती देने वाली याचिका खारिज झारखंड हाईकोर्ट ने नगर निगम को दो वर्गों में बांटने को चुनौती देने वाली याचिका मंगलवार को खारिज कर दी। चीफ जस्टिस एमएस सोनक व जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की खंडपीठ ने शांतनु कुमार चंद्र की इस याचिका पर फैसला सुरक्षित रखा था। याचिका में सरकार की उस नीति को चुनौती दी गई थी, जिसमें जनसंख्या के आधार पर धनबाद में मेयर का पद अनारक्षित र गिरिडीह में एससी के लिए आरक्षित किया गया था। याचिका में कहा गया था कि वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार धनबाद में एससी की आबादी करीब 2 लाख है, इसलिए मेयर का पद एससी के लिए आरक्षित होना चाहिए था। लेकिन इसे अनारक्षित कर दिया गया है। वहीं, गिरिडीह में एससी की आबादी 30 हजार है, लेकिन वहां इसे आरक्षित कर दिया गया। चुनाव कार्यक्रम इन दस्तावेजों के आधार पर कर सकेंगे मतदान मतदाता पहचान पत्र, फोटोयुक्त मतदाता पर्ची, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, राज्य, केंद्र सरकार, पीएसयू, स्थानीय निकाय या पब्लिक लि. कंपनी की ओर से जारी फोटोयुक्त सेवा पहचान पत्र, बैंक-डाकघर द्वारा जारी किए गए फोटोयुक्त पास बुक, पैन कार्ड, आधार कार्ड, मनरेगा का फोटोयुक्त जॉब कार्ड, फोटोयुक्त स्वास्थ्य बीमा योजना या स्मार्ट कार्ड, फोटोयुक्त पेंशन दस्तावेज, राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर।


