महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) में काम करने वाले झारखंड के मजदूरों की मजदूरी में मात्र 10 रुपए की वृद्धि की गई है। यह बढ़ोतरी पिछले तीन सालों में सबसे कम है। झारखंड सरकार ने केंद्र सरकार से मजदूरी बढ़ाकर 350 रुपए प्रतिदिन करने की मांग की थी। लेकिन, केंद्र ने इसे अस्वीकार कर दिया। केंद्र सरकार द्वारा जारी आदेश के अनुसार, झारखंड के मनरेगा मजदूरों को अब प्रतिदिन 255 रुपए की दर से भुगतान किया जाएगा। वित्तीय वर्ष 2024-25 में मजदूरी 245 रुपए निर्धारित की गई थी। झारखंड सरकार अपनी आेर से मनरेगा मजदूरों को 27 रुपए की मदद करती है। इस हिसाब से मनरेगा मजदूरों को 272 रुपए मिलते हैं। राज्य सरकार ने सहयोग राशि देना जारी रखा तो मजदूरों को 282 रुपए प्रतिदिन मिलेंगे। नई दर एक अप्रैल 2025 से लागू होगी। बिहार-झारखंड में बराबर, सबसे कम यूपी-उत्तराखंड में केंद्र सरकार के आदेश के अनुसार हरियाणा में सबसे ज्यादा मनरेगा मजदूरी मिलेगी। यहां हर मजदूर को प्रतिदिन 400 रुपए मिलेंगे। झारखंड के पड़ोसी राज्यों की बात करें तो बिहार आैर झारखंड की स्थिति समान है। बिहार में भी वित्तीय वर्ष 2024-25 में मनरेगा मजदूरी 245 रुपए निर्धारित की गई थी। जिसमें 10 रुपए की वृद्धि हुई है। केंद्र सरकार की आेर से अब प्रतिदिन 255 रुपए की दर से भुगतान किया जाएगा। उत्तराखंड में 252 रु., छत्तीसगढ़ में 261 रु., मध्य प्रदेश में 261 रु., आेडिशा में 273 रु. उत्तर प्रदेश में 252 रु. आैर पश्चिम बंगाल में 260 रु. प्रतिदिन के हिसाब से मनरेगा मजदूरी निर्धारित की गई है। झारखंड में ऐसे बढ़ी दर वित्तीय वर्ष मजदूरी 2018-19 168 रु. 2019-20 171 रु. 2020-21 194 रु. 2021-22 198 रु. 2022-23 210 रु. 2023-24 228 रु. 2024-25 245 रु. राज्य ने पहली बार 2021 में दिया था 27 रु. टॉप अप झारखंड सरकार ने पहली बार वित्तीय वर्ष 2021-22 में मनरेगा मजदूरों को बोनस या टॉप अप के रूप में 27 रुपए देने का फैसला किया था। इसके बाद से इसमें बढ़ोतरी नहीं की गई है। पिछले दिनों ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा था कि सरकार 27 रुपए के बोनस में हर साल चरणबद्ध वृद्धि करेगी। पर, वृद्धि कितने रुपए की होगी इस पर अभी फैसला नहीं लिया गया है। अगर राज्य सरकार टॉप अप में बढ़ोतरी करती है, तो मनरेगा मजदूरी बढ़ सकती है। केंद्र ने 12 करोड़ मानव दिवस का दिया लक्ष्य: झारखंड में लोकसभा व विधानसभा चुनाव को लेकर दो बार आचार संहिता लगने के बावजूद लक्ष्य से 10 प्रतिशत ज्यादा मानव दिवस का सृजन कर लिया गया है। इसका लाभ यह मिला कि केंद्र सरकार ने नए वित्तीय वर्ष 2025-26 में झारखंड को 12 करोड़ मानव दिवस के सृजन का लक्ष्य दिया है। इससे झारखंड के मजदूरों को राज्य में ही ज्यादा से ज्यादा काम मिल सकेगा। जो पलायन रोकने में सहायक सिद्ध होगा। राज्य में मनरेगा के करीब 34.4 लाख सक्रिय जॉब कार्डधारी हैं। इसमें 40.44 लाख सक्रिय वर्कर हैं। राज्य सरकार ने मांगा था 350 रुपए मनरेगा मजदूरी, केंद्र ने दिए 255 रुपए, हरियाणा के मजदूरों को सबसे ज्यादा 400 रुपए मिलेंगे राज्य सरकार ने टॉप अप बढ़ाने पर अभी कोई फैसला नहीं लिया है।


