झारखंड में 1 करोड़ के इनामी समेत 15 नक्सली ढेर:सारंडा जंगल में सर्च ऑपरेशन के दौरान एनकाउंटर; पुलिस, कोबरा बटालियन और सेंट्रल फोर्स शामिल

झारखंड में मुठभेड़ में एक करोड़ के इनामी नक्सली अनल दा समेत 15 नक्सली ढेर हुए हैं। पश्चिमी सिंहभूम जिले के सारंडा जंगल में गुरुवार सुबह से सुरक्षाबलों और भाकपा (माओवादी) नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई। आसपास का इलाका गोलियों की आवाज से गूंज उठा। जानकारी के मुताबिक झारखंड पुलिस, कोबरा और सेंट्रल पुलिस फोर्स के जवानों की सर्चिंग के दौरान माओवादी के शीर्ष नेता अनल दा उर्फ़ पतिराम मांझी के दस्ते के साथ मुठभेड़ हुई। उसके दस्ते में 14 से अधिक नक्सली हैं। पुलिस मुख्यालय के अनुसार, मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने अनल दा समेत 15 नक्सलियों को मार गिराया है। सर्च अभियान के दौरान 15 डेडबॉडी के साथ भारी मात्रा में हथियार एवं दैनिक उपयोग के सामान बरामद किए गए। 15 नक्सलियों में से 11 की हुई पहचान
आईजी सीआरपीएफ साकेत कुमार ने बताया कि मारे गए 15 नक्सलियों में से 11 की पहचान हो चुकी है। अनल उर्फ पतिराम मांझी (CCM) पर झारखंड सरकार ने 1 करोड़, ओडिशा सरकार ने 1 करोड़ 20 लाख और एनअईए ने 15 लाख रुपए का इनाम घोषित कर रखा था। विशेष अभियान ‘मेघाबुरू’ के दौरान मुठभेड़ सुरक्षाबल नक्सल विरोधी विशेष अभियान ‘मेघाबुरू’ के तहत सारंडा के घने जंगलों में सर्च ऑपरेशन चला रहे थे। इसी दौरान जंगल में पहले से घात लगाए बैठे नक्सलियों ने अचानक फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में सुरक्षाबलों ने भी मोर्चा संभाल लिया, जिसके बाद मुठभेड़ तेज हो गई। बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन जारी सारंडा का इलाका दुर्गम पहाड़ियों और घने जंगलों से घिरा हुआ है, जहां नक्सलियों की लंबे समय से गतिविधियां रही हैं। जंगल के भीतर बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। पूरे क्षेत्र को चारों ओर से घेर लिया गया है। कोल्हान प्रमंडल के DIG अनुरंजन किस्पोट्टा ने मुठभेड़ की पुष्टि करते हुए बताया कि सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई है। कौन था अनल दा उर्फ तूफान?
एक करोड़ का इनामी अनल दा उर्फ तूफान का असली नाम पतिराम मांझी उर्फ पतिराम मरांडी उर्फ रमेश था। वो गिरिडीह जिले के पीरटांड थाना इलाके के झरहाबाले गांव का रहने वाला था।
उसके पिता का नाम टोटो मरांडी उर्फ तारू मांझी है। अनल दा भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) यानी CPI (माओ) का सेंट्रल कमेटी मेंबर (CCM) था। उसे माओवादियों का रणनीतिकार माना जाता था, जो संगठन के लिए बड़ी योजनाएं बनाता था। वो 1987 से नक्सली के तौर पर एक्टिव था और लंबे समय से सारंडा और गिरिडीह के जंगलों में सक्रिय था। उस पर हत्या, IED ब्लास्ट, हथियार और लूट जैसे कई गंभीर अपराधों के मामले दर्ज थे। इस मुठभेड़ को बड़ी सफलता माना जा रहा है, क्योंकि अनल लंबे समय से मोस्ट वांटेड था और उसके नेटवर्क के कई अन्य माओवादी अभी भी सक्रिय बताए जाते हैं। हाल में नक्सल ऑपरेशन में मिली कुछ बड़ी सफलता
1. एक करोड़ का इनामी और माओवादियों का पोलित ब्यूरो सदस्य प्रशांत बोस सरायकेला-खरसावां में गिरफ्तार हुआ।
2. एक करोड़ का इनामी सेंट्रल कमेटी सदस्य माओवादी सुधाकर ने झारखंड से फरार होकर तेलंगाना सरकार के सामने सरेंडर किया था।
3. अप्रैल 2025 में एक करोड़ का इनामी सेंट्रल कमेटी सदस्य प्रयाग मांझी उर्फ विवेक मुठभेड़ में मारा गया था।
4. हजारीबाग में एक करोड़ का इनामी माओवादियों का सेंट्रल कमेटी सदस्य अनुज उर्फ सहदेव सोरेन उर्फ प्रवेश उर्फ अमलेश सितंबर 2025 में मुठभेड़ में मारा गया था।

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