रांची सहित राज्य के विभिन्न जिलों में 300 से अधिक बिल्डिंग की अप टू डेट जानकारी बिल्डर सार्वजनिक नहीं कर रहे हैं। जबकि, सभी प्रोजेक्ट की प्रगति रिपोर्ट हर तीन माह के अंतराल पर झारेरा की बेवसाइट पर अपलोड करना अनिवार्य है। बिल्डरों की इस लापरवाही को झारखंड रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (झारेरा) ने गंभीरता से लिया है। झारेरा चेयरमैन ने बिल्डरों को नोटिस जारी करके कहा है कि वैसे सभी प्रोजेक्ट जिनका कार्य अभी तक पूर्ण नहीं हुआ है या उनके द्वारा ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट जमा नहीं किया गया है, वे सभी प्रोजेक्ट ऑन गोइंग माने जाएंगे। ऐसे प्रोजेक्ट का क्वार्टरली अप टू डेट रिपोर्ट ऑनलाइन देना अनिवार्य है। लेकिन अधिकतर बिल्डरों ने रिपोर्ट नहीं दी है। ऐसे बिल्डरों पर प्रति क्वार्टर 25 हजार रुपए की दर से जुर्माना लगाया गया है। बिल्डरों को जुर्माना भरने के लिए नोटिस जारी किया जा रहा है। इधर, एक अप्रैल से 30 जून तक झारेरा में रजिस्टर्ड हुए प्रोजेक्ट की पहली तिमाही की प्रगति रिपोर्ट और जरूरी कागजात अपलोड करने के लिए 30 जुलाई तक के लिए पोर्टल खोला गया है। लेकिन अभी तक मात्र 26 बिल्डरों ने ही अपने प्रोजेक्ट की तिमाही रिपोर्ट अपलोड की है। 30 जुलाई के बाद पोर्टल बंद कर दिया जाएगा। जिन बिल्डरों की रिपोर्ट अपलोड नहीं होगी, उन पर भी जुर्माना लगेगा।


