राजस्थान परिवहन निरीक्षक संघ की हड़ताल का असर जनता भुगत रही है। धौलपुर में परिवहन निरीक्षकों को अवैध रूप से पुलिस हिरासत में रखने के विरोध में परिवहन निरीक्षकों ने कार्य बहिष्कार किया है। प्रदेशभर में परिवहन विभाग के कार्यालयों में कामकाज प्रभावित हो रहा है। दरअसल, धौलपुर एसपी ने 2 फरवरी को परिवहन विभाग के 2 ऑन ड्यूटी निरीक्षकों को मनिया थाने में बंद कर दिया था और अगले दिन सुबह 8 बजे छोड़ा। इस घटना के विरोध में प्रदेशभर में परिवहन कार्यालयों में बुधवार को कामकाज ठप रहा। परिवहन निरीक्षकों के हड़ताल पर जाने से ड्राइविंग लाइसेंस नहीं बन सके। वहीं, वाहन चेकिंग का कार्य मंगलवार से ही बंद पड़ा है। इसके अलावा पुराने वाहनों के ट्रांसफर, वाहन पंजीयन नवीनीकरण से जुड़े कार्य भी ठप पड़ गए हैं। फिजिकल इंस्पेक्शन नहीं होने की वजह से बसों का पंजीयन भी अटक गया है। सूत्रों ने बताया कि अकेले बुधवार को प्रदेशभर में 4500 से अधिक लाइसेंस नहीं बन सके। ऐसे में अब इन्हें हड़ताल खत्म होने के बाद आगमी दिनों की तारीख दी जाएगी। वहीं, अगर हड़ताल लंबी चली तो अकेले लाइसेंस के लिए रोजाना औसतन 4500 की पेंडेंसी बढ़ती जाएगी। लाइसेंस रिन्यूअल, पंजीयन, ट्रांसफर के काम अटके जयपुर में जगतपुरा, झालाना और विद्याधर नगर स्थित कार्यालयों में पहुंचे लोग दिनभर परेशान हुए। जयपुर स्थित दोनों आरटीओ ऑफिस में बुधवार को करीब 1000 लाइसेंस नहीं बन सके। वहीं, लर्निंग लाइसेंस के लिए भी आए लोगों को बेरंग लौटना पड़ा। इसके अलावा लोगों के लाइसेंस रिन्यूअल, वाहन पंजीयन, वाहन ट्रांसफर से जुड़े सभी कार्य नहीं हो सके। उधर, परिवहन विभाग को तो राजस्व का नुकसान हो ही रहा है। वहीं, राज्य सरकार की तरफ से परिवहन निरीक्षकों की मांगों को लेकर अभी कोई सकारात्मक संकेत नहीं दिया गया है। एक नजर में हड़ताल से नुकसान


