भास्कर न्यूज | झालावाड़ मंशापूर्ण बालाजी मंदिर परिसर में बुधवार को भागवत कथा के छठे दिवस पर गौ सेवक पंडित राधेश्याम नागर ने श्रीकृष्ण-रुक्मणी विवाह प्रसंग सुनाया। पंडितश्री ने राम नाम के महत्व पर जोर देते हुए बताया कि जीवन के प्रारंभ से लेकर अंत तक राम नाम ही महत्वपूर्ण है। जीवन का अंतिम उत्तर राम ही है। मुख्य जजमान सुदेश जी चतुर्वेदी के द्वारा कथा में पधारे हुए पीपा पीठाधीश्वर सहित सभी संतों का सम्मान किया गया।


