झालावाड़ के पीजी कॉलेज में नशा मुक्त भारत अभियान के तहत ‘नशा मुक्त भारत में युवाओं की भूमिका तथा जागरूकता’ विषय पर एक व्याख्यान का आयोजन किया गया। इसमें सहकारिता विभाग के सहायक रजिस्ट्रार जयदीप सिंह हाड़ा मुख्य वक्ता रहे, जबकि कॉलेज के प्रिंसिपल प्रोफेसर अजय कुमार गुप्ता ने अध्यक्षता की। मुख्य वक्ता हाड़ा ने विद्यार्थियों को नशे के प्रति जागरूक करते हुए कहा कि युवा अक्सर अतिरिक्त आय के लालच में ड्रग सप्लाई जैसे गलत कामों में शामिल हो जाते हैं और नशे की चपेट में आ जाते हैं। उन्होंने बुरी संगति को नशे की लत का मुख्य कारण बताया और इससे बचने की सलाह दी। ‘युवाओं को पढ़ने की आदत डालनी होगी’
हाड़ा ने विद्यार्थियों को नशा मुक्ति से संबंधित एनडीपीएस (स्वापक औषधि और मन: प्रभावी पदार्थ अधिनियम) के प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने जोर देकर कहा कि उज्ज्वल भविष्य के लिए युवाओं को ड्रग्स और नशे से दूर रहना चाहिए, क्योंकि ये जीवन को समाप्त कर देते हैं।
सफलता के लिए युवाओं को प्रेरित करते हुए हाड़ा ने कहा कि उन्हें घर का मोह छोड़कर अपनी भावनाओं को व्यक्त करना सीखना होगा और पढ़ने की आदत डालनी होगी। उन्होंने कहा कि जब आप रोशनी की एक किरण लेकर चलते हैं, तो आगे का रास्ता अपने आप दिखाई देता चला जाता है, बस एक-एक कदम बढ़ाने की आवश्यकता है। ‘लक्ष्य प्राप्ति में सहायक होंगे ऐसे व्याख्यान’
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्राचार्य प्रोफेसर अजय कुमार गुप्ता ने बताया कि नशा मुक्ति केंद्र द्वारा आयोजित ऐसे व्याख्यान विद्यार्थियों को प्रेरित करेंगे और उनके लक्ष्य प्राप्ति में सहायक होंगे। नशा मुक्ति केंद्र के संयोजक डॉ. रामकिशन माली ने मंच संचालन करते हुए केंद्र की गतिविधियों की जानकारी दी।
इस अवसर पर महाविद्यालय के सभी संकाय सदस्य उपस्थित रहे। डॉ. अशोक कंवर शेखावत ने अतिथियों, संकाय सदस्यों और विद्यार्थियों को कार्यक्रम के सफल आयोजन में सहयोग के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया।


