झालावाड़ जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र से पुलिस कार्रवाई को लेकर एक बेहद गंभीर और संवेदनशील मामला सामने आया है। नई जेल कच्ची बस्ती निवासी युवक अनिल की इलाज के दौरान मेडिकल कॉलेज अस्पताल में मौत हो गई। परिजनों ने पुलिस पर हिरासत में मारपीट का गंभीर आरोप लगाया है, जबकि पुलिस ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। मृतक अनिल के बड़े भाई रवि ने बताया कि करीब 10 दिन पहले कोतवाली थाना पुलिस अनिल को उसके घर से पकड़कर ले गई थी। आरोप है कि उसे चाकूबाजी के एक झूठे मामले में फंसाकर पुलिस ने बेरहमी से मारपीट की, जिससे उसकी एक टांग टूट गई और वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल अवस्था में पहले उसे झालावाड़ जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से हालत बिगड़ने पर कोटा के मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर किया गया। आज इलाज के दौरान अनिल की मौत हो गई। मृतक के भाई ने बताया कि मेरा भाई मजदूरी का काम करता था। 5 से 6 पुलिस वालों ने उसके साथ मारपीट की उन सभी पुलिस वालों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए और हमें मुआवजा भी मिलना चाहिए। उन्होंने बताया कि कॉलोनी में झगड़ा हुआ था किसी दूसरे युवक ने चाकू मारे थे लेकिन सामने वाले ने रिपोर्ट दर्ज करवा दी और उसमें झूठा नाम मेरे भाई का लिखवा दिया जबकि जिसने चाकू मारे थे उसने खुद ने मना किया था अनिल ने चाकू नहीं मारे लेकिन उसके बावजूद भी पुलिस ने गलत कार्रवाई की और आज उसकी मौत हो गई। मृतक की मां ने आरोप लगाते हुए बताया कि कई पुलिसकर्मी घर पहुंचे, दरवाजा खुलवाया और उनके छोटे बेटे अनिल को अपने साथ ले गए। जब परिजन थाने पहुंचे तो पुलिस ने अनिल के वहां होने से इनकार कर दिया। बाद में उन्हें पता चला कि अनिल के साथ मारपीट हुई है और उसकी टांग तोड़ दी गई है। मां का कहना है कि अनिल का नाम सिर्फ एक मामूली झगड़े में दर्ज किया गया था, लेकिन इसके बावजूद उसके साथ अमानवीय व्यवहार किया गया। झालावाड़ एसपी अमित बुडानिया ने परिजनों के आरोपों को गलत बताया है। एसपी के अनुसार, अनिल 18 दिसंबर को दर्ज चाकूबाजी के मामले में आरोपी था और फरार चल रहा था। पुलिस जब उसे पकड़ने गई तो वह हाथ छुड़ाकर भागने लगा, इसी दौरान गिरने से उसकी टांग में फ्रैक्चर हो गया। उन्होंने कहा कि पुलिस ने उसे थाने नहीं ले जाकर सीधे अस्पताल पहुंचाया, परिजनों को सूचना दी और बड़े भाई की मौजूदगी में इलाज शुरू कराया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए शव को मोर्चरी में रखवाया गया है और मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराया जाएगा। अस्पताल परिसर और मोर्चरी पर अतिरिक्त पुलिस जाप्ता तैनात किया गया है।


