झालावाड़ जिले में सुबह से ही कोहरा छाया रहा। जिले में करीब एक सप्ताह से शीतलहर का असर बना हुआ है। नए साल 2025 का पहला दिन भी गलन भरा रहा। शीतलहर और गलन के कारण कई लोग सुबह 10 बजे तक घरों से बाहर नहीं निकले। बाजारों में भी गलन और शीतलहर के कारण दिन भर सन्नाटा पसरा रहा। धूप नहीं निकलने के कारण शहर के लोग दोपहर में घरों और दुकानों के सामने अलाव जलाकर बैठे नजर आए। पौधों पर ओस की बूंदें नजर आईं। सुबह घना कोहरा छाया रहा। 3 दिन से सूर्यदेव ने भी दर्शन नहीं दिए हैं। धूप नहीं निकलने से लोग परेशान हो रहे है। तेज सर्दी से जनजीवन प्रभावित हुआ है। सर्द हवाएं चलने से सड़कों और बाजारों में आवाजाही कम हो रही है। इसके कारण व्यापार पर भी असर पड़ा है, जबकि सर्द मौसम में गिरती ओस की बूंदें फसलों के लिए फायदेमंद साबित हो रही हैं। किसानों का कहना है कि घने कोहरे के साथ बूंदें भी टपक रही हैं। जो फसलों के लिए लाभदायक हैं। सर्दी बढ़ने से रात के समय गर्म दूध और तिल से बने खाद्य सामग्री की बिक्री बढ़ी है। वहीं सब्जियों के दाम भी कम हो रहे है। उत्पादन बढ़ने से इन दिनों टमाटर, आलू, पालक, गोबी के ठेले दिनभर गली मोहल्ले में घूमते नजर आ रहे हैं।


