झालावाड़ में एक दिव्यांग महिला के साथ कथित मारपीट और अपमान के मामले में पुलिस कार्रवाई नहीं होने पर बड़ी संख्या में दिव्यांगों ने कोतवाली पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने पुलिस को ज्ञापन सौंपकर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। दोनों पैरों से दिव्यांग पीड़िता महिला लक्ष्मी खजुरिया ने पुलिस को बताया कि वह 23 दिसंबर की रात को अपने घर में भोजन कर रही थीं, तभी उनकी पड़ोसी संतरा पत्नी दीपचंद और उसकी बेटी निशा उनके घर आईं और उन्हें गालियां देने लगीं। लक्ष्मी खजुरिया के अनुसार संतरा और निशा ने उनके साथ मारपीट की, उसे जमीन पर गिरा दिया और उनके हाथ में दांत से काट लिया। इसके बाद संतरा ने अपनी बड़ी बहन गीतालाल पत्नी छोटूलाल, निर्मला और कमल पत्नी गीतालाल को भी बुला लिया। इन सभी ने मिलकर लक्ष्मी को गाली-गलौच की और दोबारा मारपीट करने की धमकी दी। मोहल्ले के लोगों के बीच-बचाव करने पर आरोपी वहां से चले गए। पीड़ित महिला ने बताया कि इस घटना के बाद से वह अत्यधिक मानसिक तनाव में है और घर से बाहर निकलने में भी डर महसूस कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि आरोपी पक्ष की थाने में पहचान होने के कारण उनकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई और उन्हें वहां से डराकर भगा दिया गया। लक्ष्मी खजुरिया ने यह भी बताया कि आरोपी व्यक्तियों के बच्चे प्रतिदिन उन्हें परेशान करते हैं और उनके घर पर पत्थर फेंकते हैं, जिसके कारण उन्हें घर पर ताला लगाकर रहना पड़ता है। वह पार्लर का काम करके अपना जीवन यापन करती हैं, लेकिन आरोपी पार्लर पर आने वाले ग्राहकों को भी परेशान करते हैं, जिससे उनका रोजगार प्रभावित हो रहा है। दिव्यांग महिला ने मारपीट, गाली-गलौच, अपमान और जान से मारने की धमकी देने वाले व्यक्तियों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की मांग की है, ताकि उन्हें न्याय और सुरक्षा मिल सके। दिव्यांग संघ पदाधिकारी रामप्रकाश भील ने बताया कि सभी दिव्यांगों के सहयोग के बाद पुलिस में मामला दर्ज किया गया है।


