झालावाड़ में कुछ समय पहले बस स्टैंड पर लावारिस मिले एक बालक को अब उसकी मां मिल गई है। बाल कल्याण समिति (CWC) ने पुलिस की मौजूदगी में बालक को उसकी मां को सौंपने की कार्रवाई पूरी की। यह बालक लावारिस मिलने के बाद राजकीय विशेषज्ञ दत्तक ग्रहण एजेंसी में रह रहा था। बाल कल्याण समिति और राजकीय संप्रेषण गृह के लगातार प्रयासों से बालक की मां का पता चला। आज सुबह बालक की मां अंकुर बाई, जो गंगापुर सिटी जिले के वजीरपुर की निवासी हैं, अपने परिजनों के साथ धनवाड़ा स्थित कार्यालय पहुंचीं। बाल कल्याण समिति के सदस्य गजेंद्र कुमार सेन, पूर्णिमा सिकरवार और बबली मीणा ने बालक के जन्म प्रमाण पत्र, आधार कार्ड और कुछ पुराने वीडियो सहित सभी दस्तावेजों की गहन जांच की। दस्तावेजों के सही पाए जाने और समिति के संतुष्ट होने के बाद, कोतवाली पुलिस झालावाड़ को सूचित किया गया, जहां बालक के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज थी। हेड कॉन्स्टेबल शैलेंद्र सिंह ने मौके पर उपस्थित होकर अपनी कानूनी औपचारिकताएं पूरी कीं। इसके बाद, बालक को उसकी मां अंकुर बाई के सुपुर्द कर दिया गया। मां अंकुर बाई ने बताया कि बालक का पिता उसे इलाज के बहाने इधर-उधर ले जाता था और शराब का सेवन भी करता था। उसी ने बालक को झालावाड़ में छोड़ दिया था। परिजनों को झालावाड़ पहुंचने में समाज सेवक मोहन सिंह ने भी सहायता की। बालक को उसकी मां को सौंपते समय दत्तक ग्रहण के मैनेजर एवं कोऑर्डिनेटर दीपक गौतम, परिवीक्षा अधिकारी महावीर भील, शारिक बेग, प्रियंका और पल्लवी चतुर्वेदी सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।


