झालावाड़ शहर के बस्ती क्रमांक 6 स्थित मंशापूर्ण बालाजी मंदिर में रविवार को विराट हिन्दू सम्मेलन का आयोजन किया गया। इसमें ललिता आश्रम भीलवाड़ी के संत पवनदास महाराज मुख्य अतिथि रहे। स्वदेशी जागरण मंच के बालचंद आर्य और मातृ शक्ति प्रतिमा श्रृंगी विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद थीं।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता संत पवनदास महाराज ने कहा कि वर्तमान में हिन्दू समाज को एकजुट रहने की आवश्यकता है। उन्होंने जोर दिया कि सैकड़ों वर्षों की गुलामी के बाद आज हम आजाद हुए हैं, लेकिन अभी भी समाज में व्याप्त भेदभाव और कुरीतियों को समाप्त करना आवश्यक है। पवनदास महाराज ने विभिन्न धर्मग्रंथों का उदाहरण देते हुए समझाया कि राष्ट्र तभी आगे बढ़ेगा जब हिन्दू सशक्त होगा। उन्होंने मातृशक्ति और युवा शक्ति का आह्वान किया कि वे राष्ट्र निर्माण में अपना महत्वपूर्ण योगदान दें।
स्वदेशी जागरण मंच के बालचंद आर्य ने सभी हिंदुओं को स्वदेशी अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि किसी भी समाज और राष्ट्र का उत्थान तभी संभव है जब वह अपने सांस्कृतिक मूल्यों का संरक्षण और संवर्धन करे। मातृ शक्ति प्रतिमा श्रृंगी ने प्राचीन काल से ही नारी की समाज में महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला और नारी शक्ति से अपने बच्चों को अच्छे संस्कार देने का आह्वान किया, जिससे एक आदर्श समाज और राष्ट्र का निर्माण हो सके। सम्मेलन की शुरुआत में महिलाओं ने एक भव्य कलश यात्रा निकाली। यह यात्रा मंशापूर्ण बालाजी मंदिर से प्रारंभ होकर विभिन्न मार्गों से गुजरी और वापस मंदिर पर ही संपन्न हुई। मार्ग में जगह-जगह पुष्पवर्षा कर कलश यात्रा का भव्य स्वागत किया गया। आयोजन समिति के प्रतीक शेखावटिया ने आगंतुकों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का समापन भारत माता की आरती और प्रसादी वितरण के साथ हुआ। इस अवसर पर पूर्व उपसभापति जयदीप सिंह झाला, पार्षद राजू सुमन, उपेश वाजपेई, अभिषेक विजय, दीपांकर नागर, किशन भाट, नरेंद्र कश्यप, हर्षल वर्मा सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और मातृ शक्ति ने भाग लिया। कार्यक्रम का संचालन भरत शर्मा ने किया। पनवाड़ में हिंदू सम्मेलन का आयोजन
पनवाड़ कस्बे में आयोजित हिंदू सम्मेलन ने पूरे क्षेत्र को धर्म, संस्कृति और राष्ट्रभावना के रंग में रंग दिया। सकल हिंदू सम्मेलन आयोजन समिति के अध्यक्ष बजरंगलाल श्रृंगी, उपाध्यक्ष ललित राठौर, कोषाध्यक्ष पूनमचंद गुप्ता एवं उपकोषाध्यक्ष भोजराज गुर्जर ने बताया कि इस विराट आयोजन का उद्देश्य समाज में सांस्कृतिक चेतना, सामाजिक समरसता और राष्ट्रसेवा के भाव को सुदृढ़ करना रहा। सम्मेलन के माध्यम से सनातन संस्कृति के मूल्यों को जन-जन तक पहुंचाने का संदेश दिया।
जलयात्रा और भव्य शोभायात्रा से हुआ आयोजन का शुभारंभ
बावड़ी स्थित हनुमानजी मंदिर से पारंपरिक वेशभूषा में महिलाओं ने जलयात्रा के साथ विराट हिंदू सम्मेलन का शुभारंभ हुआ। शोभायात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से निकाली गई, जिसमें पनवाड़ मंडल के सरखंडिया, आकोदिया, भनक्याखेड़ी, सारोला, ओदपुर, गणेशपुरा, उम्मेदपुरा, समदखेड़ी, बोरल्ली, भटवाड़ा, दानवास, रघुवीरपुरा, शंकरपुरा एवं निपानिया गांवों से आई मातृशक्ति, युवाओं और क्षेत्रवासियों की व्यापक भागीदारी रही। शोभायात्रा बड़ी बावड़ी हनुमानजी मंदिर से प्रारंभ होकर राठौर मोहल्ला, सुमन मोहल्ला, घांसभेरूजी मोहल्ला, माताजी मंदिर, पुराने बाजार, पुलिस चौकी, सुनारों का मोहल्ला और जैनियों का मोहल्ला होते हुए बस स्टैंड पहुंची। इस दौरान नगरवासियों ने जगह-जगह पुष्पवर्षा कर श्रद्धालुओं का स्वागत किया।
बस स्टैंड पर कालबेलिया बस्ती एवं श्रीराम नगर से आई कलश यात्राएं भी शोभायात्रा में शामिल हुईं, जिससे इसका स्वरूप और अधिक विशाल एवं भव्य हो गया। यहां से शोभायात्रा शिवाजी चौराहा और कोबरा सर्किल से होते हुए दोपहर करीब 2 बजे अटल सेवा केंद्र स्थित सामुदायिक भवन में धर्मसभा स्थल पर पहुंची।
धर्मसभा में हुआ वैदिक अनुष्ठान और प्रेरक उद्बोधन
सम्मेलन में राष्ट्र सेविका समिति की विभाग बौद्धिक प्रमुख संध्या एवं विभाग प्रचारक हेमेंद्र ने अपने ओजस्वी और प्रेरक उद्बोधन से मौजूद जनसमूह को धर्म, संस्कृति और राष्ट्रसेवा के प्रति जागृत किया।कहा कि सनातन संस्कृति हमारी पहचान है और इसे सशक्त बनाना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और सम्मान समारोह रहे आकर्षण
धर्मसभा के दौरान अखाड़ा प्रदर्शन ने दर्शकों को रोमांचित किया। वहीं मातृशक्ति निधि सैनी एवं यग्यश्री सैन ने प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया। कार्यक्रम के दौरान संयुक्त परिवार की मिसाल प्रस्तुत करने वाले रामकिशन बासुंडिया, नगर की सफाई व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले कचरा गाड़ी चालक तथा निस्वार्थ भाव से घायल गायों का उपचार करने वाले गौ-पुत्रों का मंच पर सम्मान कर समाजसेवा का संदेश दिया।


