झालावाड़ में नशा तस्करों पर पुलिस ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। इसके तहत 71 नशा तस्करों पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने 125 करोड़ की 107 संपत्तियां फ्रीज की है।
इसमें पेट्रोल पंप, आलीशान मकान, कृषि भूमि, कॉमर्शियल प्लॉट और महंगी गाड़ियां शामिल है। पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के निर्देशन में चलाए गए “ऑपरेशन दिव्य प्रहार” के तहत इन कार्रवाइयों को अंजाम दिया गया। 4 सदस्यीय विशेष टीम का गठन किया था
एसपी ने बताया कि पुलिस की MOB शाखा ने पिछले कुछ महीनों से नशा नेटवर्क से जुड़े अपराधियों और उनके रिश्तेदारों की अवैध संपत्तियों का गोपनीय डेटाबेस तैयार किया था। इसके बाद थाना प्रभारियों, साइबर टीम और विशेष जांच दल ने मिलकर कानूनी प्रक्रिया के तहत इन संपत्तियों को फ्रीज करने की कार्रवाई की। इस कार्रवाई के लिए एसपी कार्यालय में एक 4 सदस्यीय विशेष टीम का गठन किया गया था। इस टीम में हेड कॉन्स्टेबल हेमंत शर्मा, पिंकू मैरोठा और साइबर यूनिट से कॉन्स्टेबल वीकेश और नीतेश शामिल थे। पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने बताया कि इन संपत्तियों को फ्रीज करने की यह कार्रवाई एनडीपीएस एक्ट की धारा 68-एफ के तहत की गई है। दिल्ली स्थित सक्षम प्राधिकारी द्वारा इसे मंजूरी मिल चुकी है। अब नशा तस्कर इन संपत्तियों को बेच, गिरवी रख या उपयोग नहीं कर सकेंगे। एसपी बोले- इस कार्रवाई से जिले में नशा कारोबारियों के बीच एक स्पष्ट संदेश गया है। यह सिर्फ गिरफ्तारी नहीं, बल्कि नशा व्यापार की जड़ों पर आर्थिक प्रहार है। अपराधियों को यह समझना होगा कि नशे से अर्जित संपत्तियां स्थायी नहीं रह सकतीं।


