नागौर एसपी मृदुल कच्छावा के निर्देशन में जिले में मादक पदार्थ तस्करों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान ‘ऑपरेशन नीलकंठ’ के तहत सदर थाना पुलिस ने दो महत्वपूर्ण कार्यवाहियों को अंजाम दिया है। पुलिस टीम ने झालावाड़ जिले में दबिश देकर एनडीपीएस एक्ट के मामलों में वांछित दो मुख्य सप्लायरों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है, जिनमें से एक आरोपी पर 5,000 रुपये का ईनाम घोषित था।
अकलेरा से दबोचा गया स्मैक और अफीम का सप्लायर सदर थानाधिकारी सुरेश कस्वां के नेतृत्व में पुलिस टीम ने पहली प्रभावी कार्यवाही करते हुए एनडीपीएस एक्ट के एक पुराने मामले में फरार चल रहे सप्लायर मुकेश पुत्र मदनलाल को झालावाड़ के अकलेरा से गिरफ्तार किया। इस प्रकरण की शुरुआत 14 जनवरी 2026 को हुई थी, जब पुलिस ने रोटु गांव में गश्त के दौरान गोपालराम और राकेश को एक स्कॉर्पियो गाड़ी सहित गिरफ्तार किया था। उस समय आरोपियों के कब्जे से 164.20 ग्राम अफीम और 30.720 ग्राम स्मैक बरामद की गई थी, जिसका मामला जायल थाने में दर्ज है। मामले की जांच के दौरान सप्लायर के रूप में मुकेश का नाम सामने आने पर पुलिस ने तकनीकी और फील्ड सूचनाओं के आधार पर उसे झालावाड़ से दस्तयाब किया।
5,000 रुपये का ईनामी तस्कर पिन्टु तंवर गिरफ्तार दूसरी बड़ी कार्यवाही में सदर पुलिस ने कोतवाली थाने के एक ड्रग तस्करी मामले में लंबे समय से वांछित 5,000 रुपये के ईनामी अपराधी पिन्टु तंवर को गिरफ्तार किया है। आरोपी पिन्टु तंवर पुत्र पांचुलाल, निवासी घाटोली (झालावाड़) को पुलिस ने झालावाड़ उपकाराग्रह से प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार किया। यह मामला 31 जनवरी 2025 का है, जब कोतवाली पुलिस ने आबिद और अरबाज नामक दो आरोपियों को 132 ग्राम अवैध स्मैक के साथ पकड़ा था। पिन्टु तंवर इस नेटवर्क का मुख्य सप्लायर था और इसके खिलाफ पूर्व में भी मेंडतारोड, घाटोली और अकलेरा जैसे विभिन्न थानों में मादक पदार्थ तस्करी के गंभीर मामले दर्ज हैं।


